देहरादून में खुलेगा हिंदू अध्ययन केंद्र, दून विश्वविद्यालय में 2025-26 सत्र से पढ़ाई शुरू
A Hindu Studies Centre will open in Dehradun, with classes beginning at Doon University from the 2025-26 academic session.
देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लंबे समय से प्रदेश में हिंदू अध्ययन केंद्र खोलने की बात करते आ रहे थे। अब इस दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 15 जनवरी को हुई कैबिनेट बैठक में दून विश्वविद्यालय में हिंदू अध्ययन केंद्र की स्थापना को मंजूरी दे दी गई है। सरकार इस परियोजना को तेजी से आगे बढ़ा रही है और इसी का परिणाम है कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 से एमए हिंदू अध्ययन का पाठ्यक्रम शुरू कर दिया गया है। आने वाले समय में प्रोफेसर और अन्य शिक्षकीय पद भरने के बाद केंद्र का संचालन और मजबूत होगा।
दून विश्वविद्यालय में होगा संगठित अकादमिक अध्ययन
राजधानी देहरादून स्थित दून विश्वविद्यालय में स्थापित हो रहा यह हिंदू अध्ययन केंद्र हिंदू धर्म, दर्शन, संस्कृति और भारतीय ज्ञान परंपरा पर व्यवस्थित शिक्षा और शोध को बढ़ावा देगा। यह राज्य में अपनी तरह का पहला केंद्र होगा, जहां धार्मिक अध्ययन को केवल आस्था तक सीमित न रखकर अकादमिक और शोध आधारित ढांचे में पढ़ाया जाएगा।
मुख्यमंत्री धामी का दृष्टिकोण
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अनुसार, हिंदू अध्ययन केंद्र का उद्देश्य केवल पूजा-पाठ या धार्मिक कर्मकांड तक सीमित नहीं है। यह भारत की उस वैचारिक परंपरा को समझने का प्रयास है, जो हजारों वर्षों से समाज को दिशा देती आई है। नैतिकता, प्रकृति, समाज, मानव कर्तव्यों और जीवन मूल्यों जैसे विषयों को आधुनिक संदर्भ में समझाया जाएगा, ताकि प्राचीन ग्रंथों और परंपराओं की आज के समय में प्रासंगिकता सामने आ सके।
छात्रों और समाज को मिलेगा लाभ
सीएम धामी ने कहा कि यह केंद्र न केवल छात्रों बल्कि आम लोगों के लिए भी उपयोगी होगा। यहां पढ़ने वाले छात्र भारतीय संस्कृति और इतिहास को गहराई से समझ सकेंगे और जीवन को देखने का संतुलित दृष्टिकोण विकसित कर पाएंगे। साथ ही, व्याख्यान, सेमिनार और चर्चाओं के माध्यम से समाज के अन्य वर्ग भी इससे जुड़ सकेंगे।
छह नए पद सृजित, पढ़ाई को मिलेगी मजबूती
गृह सचिव शैलेश बगोली ने जानकारी दी कि हिंदू अध्ययन केंद्र के संचालन के लिए कुल छह नए पद सृजित किए गए हैं। इनमें एक प्रोफेसर, एक एसोसिएट प्रोफेसर और दो असिस्टेंट प्रोफेसर के पद शामिल हैं, जबकि कुछ शिक्षकों की नियुक्ति आउटसोर्स के माध्यम से भी की जाएगी।
उत्तराखंड के लिए क्यों अहम है यह पहल
संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने इसे राज्य के लिए गौरव का विषय बताया। उनका कहना है कि देश में दूसरा हिंदू अध्ययन केंद्र उत्तराखंड में खुलना शिक्षा के क्षेत्र में नई क्रांति ला सकता है। वेद, उपनिषद, रामायण और महाभारत जैसे ग्रंथों के अध्ययन के लिए देशभर से छात्र यहां आएंगे, जिससे उत्तराखंड की शैक्षणिक और सांस्कृतिक पहचान और मजबूत होगी।
पहले से शुरू हो चुकी है पढ़ाई
दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर सुरेखा डंगवाल ने बताया कि पिछले सत्र में ही हिंदू स्टडीज विभाग के तहत 20 छात्रों का प्रवेश लिया जा चुका है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब पद सृजन से केंद्र को और मजबूती मिलेगी। विश्वविद्यालय ने बीएचयू और दिल्ली विश्वविद्यालय जैसे संस्थानों से अकादमिक सहयोग भी स्थापित किया है।
देवभूमि उत्तराखंड में हिंदू अध्ययन केंद्र की स्थापना को राज्य की सांस्कृतिक पहचान, शोध और उच्च शिक्षा के लिहाज से एक महत्वपूर्ण और दूरगामी कदम माना जा रहा है।



