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राज्य स्थापना दिवस पर सादगी से मना समारोह, गैरसैंण में मुख्यमंत्री ने विकास योजनाओं का किया ऐलान

State Foundation Day was celebrated with simplicity, Chief Minister announced development plans in Gairsain

उत्तराखंड के राज्य स्थापना दिवस पर राजधानी गैरसैंण में एक सादे लेकिन भावपूर्ण समारोह में राज्य के वीर आंदोलनकारियों, शहीदों और अल्मोड़ा बस दुर्घटना में दिवंगतों को श्रद्धांजलि दी गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों को राज्य निर्माण के 24 वर्षों की बधाई देते हुए विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की घोषणा की। उन्होंने प्रदेश के विकास, जनकल्याण, रोजगार और महिलाओं के सशक्तिकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने गैरसैंण स्थित विधानसभा परिसर में आयोजित पुलिस एवं एनसीसी परेड का निरीक्षण भी किया।

राज्य आंदोलनकारियों का सम्मान और नए विकास कार्यों का ऐलान

 

मुख्यमंत्री ने समारोह के दौरान राज्य आंदोलनकारियों को शाल और पुष्प माला भेंट कर सम्मानित किया। इसके साथ ही सिमली में महिला बेस अस्पताल को पूर्ण बेस अस्पताल के रूप में उन्नत बनाने और आगरचट्टी के स्कूल में विज्ञान वर्ग शुरू करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में जनकल्याण योजनाओं का कार्यान्वयन, रोजगार सृजन और युवाओं के सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी जा रही है। पिछले एक साल में बेरोजगारी दर में 4.4% की कमी आई है, जो प्रदेश की आर्थिक प्रगति का सूचक है।

सतत विकास के लक्ष्यों में अग्रणी बना उत्तराखंड

 

मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर बताया कि नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास लक्ष्यों में उत्तराखंड को देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में राज्य को ‘अचीवर्स’ और स्टार्टअप रैंकिंग में ‘लीडर्स’ का दर्जा मिला है। जीएसडीपी में 33% की वृद्धि और राज्य की प्रति व्यक्ति आय में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य तीव्र विकास की राह पर अग्रसर है, जिसमें केदारनाथ और बदरीनाथ धामों का पुनर्निर्माण कार्य भी शामिल है। मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के तहत 16 पौराणिक मंदिरों का विकास किया जा रहा है।

सीमांत क्षेत्रों के विकास पर विशेष ध्यान

 

सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास के लिए मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास योजना और वाइब्रेंट विलेज योजना का उल्लेख किया, जिसके तहत सीमावर्ती गांवों का समग्र विकास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य में रेलवे परियोजनाएं भी प्रगति पर हैं, जिससे पहाड़ों में रेल का सपना जल्द साकार होगा।

महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए नए कदम

 

महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से सरकार ने सरकारी नौकरियों में 30% आरक्षण का प्रावधान किया है। सहकारी समितियों में भी 33% पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री नारी सशक्तिकरण योजना, लखपति दीदी योजना और मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना जैसी योजनाओं से मातृशक्ति को प्रोत्साहन मिल रहा है।

राज्य में कानून-व्यवस्था में सुधार और भ्रष्टाचार पर नकेल

 

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में नकल विरोधी कानून को लागू कर शिक्षा क्षेत्र में सुधार किया गया है। पिछले तीन वर्षों में करीब 18,500 सरकारी भर्तियां की गई हैं। इसके अलावा, राज्य में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए सख्त कदम उठाए गए हैं। जबरन धर्मांतरण पर रोक लगाने के लिए भी सख्त कानून बनाए गए हैं। राज्य की भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराने के लिए अब तक 5,000 एकड़ सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त किया गया है।

रजत जयंती वर्ष का लक्ष्य: देश के अग्रणी राज्य का दर्जा

 

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि रजत जयंती वर्ष 2025 तक उत्तराखंड को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने का संकल्प है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की भौतिक संरचना और आर्थिक प्रगति में अभूतपूर्व विकास किया जा रहा है। इस अवसर पर कर्णप्रयाग विधायक अनिल नौटियाल ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई और क्षेत्रवासियों को राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दी।

इस आयोजन में जिलाध्यक्ष रमेश मैखुरी, राज्य मंत्री रमेश गडिया, पुलिस महानिरीक्षक के. एस. नगन्याल, और जिलाधिकारी संदीप तिवारी समेत अन्य प्रमुख अधिकारी, स्थानीय नागरिक, और स्कूल के बच्चे उपस्थित थे, जिन्होंने इस समारोह की शोभा बढ़ाई।

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