अल्मोड़ा में महिलाओं के सम्मान को लेकर उबाल, महिला कांग्रेस ने मंत्री के पति के बयान के विरोध में फूंका पुतला
Outrage over women's honor in Almora; the Women's Congress burned an effigy in protest against the statement made by the minister's husband.
अल्मोड़ा: उत्तराखंड सरकार में महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू के कथित आपत्तिजनक बयान को लेकर सियासत गरमा गई है। महिलाओं के प्रति अपमानजनक शब्दों के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए महिला कांग्रेस ने इसे महिलाओं की गरिमा पर सीधा हमला बताया है। इसी के विरोध में शनिवार को अल्मोड़ा के चौघानपाटा में महिला कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए पुतला दहन किया और सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की।
चौघानपाटा में हुआ पुतला दहन, बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल
यह विरोध प्रदर्शन महिला कांग्रेस अल्मोड़ा की जिलाध्यक्ष राधा बिष्ट के नेतृत्व में आयोजित किया गया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला कांग्रेस की पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहीं। हाथों में तख्तियां लेकर और नारेबाजी करते हुए कार्यकर्ताओं ने सरकार और संबंधित लोगों के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया। प्रदर्शन स्थल पर महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा को लेकर जोरदार आवाज उठाई गई।
‘बयान समाज की असंवेदनशील सोच को दर्शाता है’
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष राधा बिष्ट ने कहा कि गिरधारी लाल साहू द्वारा दिया गया बयान न केवल महिलाओं का अपमान है, बल्कि यह समाज में व्याप्त उस सोच को भी उजागर करता है, जिसमें महिलाओं को वस्तु की तरह देखा जाता है। उन्होंने कहा कि यह और भी गंभीर इसलिए है क्योंकि यह बयान एक ऐसी मंत्री के परिवार से जुड़े व्यक्ति द्वारा दिया गया है, जिनके पास महिला एवं बाल विकास जैसा संवेदनशील विभाग है।
मंत्री से इस्तीफे और सरकार से कार्रवाई की मांग
महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने मंत्री रेखा आर्या से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद से इस्तीफा देने की मांग की। साथ ही राज्य सरकार से आग्रह किया कि इस मामले में बिना देरी किए ठोस और कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया, तो महिला कांग्रेस अपना आंदोलन और तेज करेगी।
माफी को बताया नाकाफी
महिला कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सार्वजनिक माफी इस मामले में पर्याप्त नहीं है। उन्होंने मांग की कि गिरधारी लाल साहू सार्वजनिक रूप से महिलाओं से माफी मांगें और इस तरह के बयान पर कानूनी व नैतिक कार्रवाई हो। महिला कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और गरिमा से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
वीडियो सामने आने के बाद बढ़ा विवाद
गौरतलब है कि गिरधारी लाल साहू ने 23 दिसंबर को अल्मोड़ा जिले के सोमेश्वर क्षेत्र में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इस कार्यक्रम का वीडियो हाल ही में सामने आने के बाद विवाद खड़ा हो गया। इसके बाद साहू ने वीडियो जारी कर माफी मांगी और अपने बयान को गलत संदर्भ में प्रस्तुत किए जाने की बात कही।
महिला कांग्रेस का स्पष्ट संदेश
प्रदर्शन के दौरान महिला कांग्रेस की लीला जोशी, प्रीती बिष्ट, मंजू कांडपाल, सपना बिष्ट, विमल जोशी, निर्मला कांडपाल, इंदिरा वर्मा, गीता पांडे, किरण आर्य, उमा आर्य समेत कई महिला कार्यकर्ता मौजूद रहीं। कांग्रेस के अन्य पदाधिकारी भी प्रदर्शन में शामिल हुए। महिला कांग्रेस ने दो टूक कहा कि जब तक महिलाओं के सम्मान के साथ न्याय नहीं होगा, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा और यह मुद्दा सड़क से लेकर हर मंच पर उठाया जाएगा।

