केदारनाथ हाईवे पर देर रात अग्निकांड, होटल और दुकान जलकर खाक, करोड़ों के नुकसान से मचा हड़कंप
A massive fire broke out late at night on the Kedarnath highway, destroying a hotel and shops; the resulting loss of crores of rupees has caused panic.
रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ हाईवे से सटे इलाके में रविवार देर रात भीषण आग की घटना ने पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मचा दी। चंद्रापुरी के समीप गबनीगांव में स्थित एक होटल और उससे जुड़ा जनरल स्टोर अचानक आग की चपेट में आ गया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरा प्रतिष्ठान धू-धू कर जल गया। इस हादसे में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई, लेकिन करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
रात करीब डेढ़ बजे मिली सूचना
रविवार और सोमवार की मध्यरात्रि लगभग 1:30 बजे जिला नियंत्रण कक्ष को आग लगने की सूचना प्राप्त हुई। चूंकि घटनास्थल केदारनाथ हाईवे के बेहद करीब और रिहायशी क्षेत्र से जुड़ा हुआ है, इसलिए प्रशासन तुरंत अलर्ट हो गया। सूचना मिलते ही फायर सर्विस रुद्रप्रयाग और अगस्त्यमुनि थाना पुलिस की टीमें आवश्यक संसाधनों के साथ मौके के लिए रवाना की गईं।
मौके पर पहुंचते ही दिखी भयावह स्थिति
दमकल कर्मियों के घटनास्थल पर पहुंचने तक आग होटल और जनरल स्टोर को पूरी तरह अपनी चपेट में ले चुकी थी। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि आसपास के इलाकों में धुएं का घना गुबार फैल गया। होटल के बाहर खड़े दो वाहन भी आग की चपेट में आ गए और पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए। तेज गर्मी और लगातार फैलती आग के कारण अग्निशमन कर्मियों को राहत कार्य में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
रिहायशी क्षेत्र में फैलने का बना खतरा
घटनास्थल के आसपास कई मकान और छोटे व्यवसायिक प्रतिष्ठान मौजूद हैं। आग के तेजी से फैलने की वजह से यह आशंका बनी हुई थी कि यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया गया, तो यह आसपास के घरों तक पहुंच सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए दमकल विभाग ने सबसे पहले आग को सीमित दायरे में रोकने पर ध्यान केंद्रित किया।
स्थानीय लोगों ने निभाई अहम भूमिका
आग बुझाने के अभियान में स्थानीय ग्रामीणों का सहयोग भी सराहनीय रहा। आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और उपलब्ध संसाधनों से मदद की। वहीं रिन्यू जल ऊर्जा कुंड के कर्मचारियों ने अपने निजी वाहनों से पानी की आपूर्ति कर राहत कार्य को तेज किया। कई घंटों की कड़ी मेहनत के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर पूरी तरह काबू पा लिया।
जनहानि नहीं, लेकिन नुकसान भारी
इस हादसे में राहत की बात यह रही कि किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। हालांकि होटल और जनरल स्टोर में रखा सारा सामान, फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और खाद्य सामग्री पूरी तरह जलकर नष्ट हो गई। प्रारंभिक आकलन के अनुसार, इस अग्निकांड में करोड़ों रुपये के नुकसान की संभावना जताई जा रही है।
शॉर्ट सर्किट की आशंका, जांच शुरू
प्राथमिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है, लेकिन प्रशासन का कहना है कि वास्तविक वजह विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। पुलिस और अग्निशमन विभाग ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं। साथ ही राजस्व विभाग को नुकसान का विस्तृत आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं।
अग्निशमन विभाग की अपील
घटना के बाद फायर सर्विस विभाग ने होटल और दुकानदारों से अपील की है कि वे विद्युत वायरिंग की नियमित जांच कराएं और अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करें। पहाड़ी क्षेत्रों में इस तरह की घटनाएं भविष्य के लिए चेतावनी हैं, जहां छोटी सी लापरवाही बड़ा नुकसान खड़ा कर सकती है।


