दिवाकर भट्ट को ‘राज्य रत्न’ और ‘पद्म भूषण’ दिलाने की मांग, पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा—काश बेहतर इलाज मिल पाता
Former CM Harish Rawat demanded that Diwakar Bhatt be awarded the Rajya Ratna and Padma Bhushan. He wished he had received better treatment.
देहरादून: उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने वरिष्ठ यूकेडी नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री दिवाकर भट्ट के निधन पर गहरा शोक जताया है। सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि दिवाकर भट्ट उत्तराखंड राज्य संघर्ष के प्रखर नेता थे, जिन्हें आंदोलनकारियों ने ‘फील्ड मार्शल’ जैसी विशिष्ट उपाधि दी थी। उन्होंने कहा कि उनका जाना राज्य के जनसंघर्ष के इतिहास में एक बड़ी क्षति है।
बेहतर इलाज को लेकर व्यक्त किया अफसोस
हरीश रावत ने अपने संदेश में यह भी कहा कि वे पिछले कई दिनों से दिवाकर भट्ट की तबीयत बिगड़ने की खबर सुन रहे थे और अस्पताल जाकर मुलाकात करना चाहते थे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि काश उन्हें समय रहते दिल्ली या मुंबई जैसे बड़े चिकित्सा केंद्रों में ले जाया जा सकता, तो शायद उनकी जान बचाई जा सकती थी।
उन्होंने कहा, “मैं सोच भी नहीं सकता था कि भट्ट जैसा जुझारू और मजबूत नेता इस तरह हमें छोड़कर चला जाएगा। कुछ व्यक्तित्व इतने संघर्षशील होते हैं कि हमें हमेशा उम्मीद रहती है कि वे बीमारी से लड़कर वापस लौट आएंगे।”
दिवाकर भट्ट को ‘राज्य रत्न’ व ‘पद्म भूषण’ देने की मांग
पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार और केंद्र सरकार से दिवाकर भट्ट के योगदान को ध्यान में रखते हुए उन्हें सर्वोच्च सम्मान देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि दिवाकर भट्ट ने न सिर्फ उत्तराखंड राज्य निर्माण में बल्कि सामाजिक-राजनीतिक चेतना जगाने में भी महत्त्वपूर्ण योगदान दिया है।
उनके अनुसार, “राज्य सरकार को उन्हें ‘राज्य रत्न पुरस्कार’ से सम्मानित करना चाहिए और भारत सरकार को ‘पद्म भूषण’ प्रदान करके उनके संघर्ष और सेवाओं को राष्ट्र स्तर पर मान्यता देनी चाहिए।”
राजनीतिक मतभेदों के बावजूद बनाए रखा सम्मान
हरीश रावत ने यह भी स्वीकार किया कि भले ही दिवाकर भट्ट उनके राजनीतिक आलोचकों में शामिल रहे हों, लेकिन राज्य आंदोलन के दौरान उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही। उन्होंने बताया कि वे कई बार भट्ट को अपने साथ लाने का प्रयास करते रहे, फिर भी उनके बीच मतभेद बने रहे।
उन्होंने कहा, “मतभेद अपनी जगह थे, लेकिन राज्य निर्माण में उनका संघर्ष, उनकी सक्रियता और उनका नेतृत्व सदैव प्रेरणादायक रहेगा।”
‘दिवाकर जैसे नेता ही पूछ सकते कि राज्य सही दिशा में जा रहा है या नहीं’
दिवाकर भट्ट के निधन पर शोक जताते हुए रावत ने कहा कि आज जब उत्तराखंड कई मोड़ों पर खड़ा है, तब दिवाकर भट्ट और काशी सिंह ऐरी जैसे नेताओं की कमी और भी खलती है। वह कहते हैं, “ऐसे संघर्षशील नेताओं से ही हम पूछ सकते थे कि क्या राज्य वास्तव में सही दिशा में आगे बढ़ रहा है?”
पूर्व सीएम ने दिवाकर भट्ट के परिजनों, यूकेडी कार्यकर्ताओं और उनके सभी समर्थकों को अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और कहा कि उनका संघर्ष और योगदान हमेशा स्मरणीय रहेगा।



