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पुलिस शहीद स्मृति दिवस पर मुख्यमंत्री ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि, राज्य पुलिस के योगदान की सराहना

On Police Martyrs' Remembrance Day, Chief Minister paid tribute to the martyrs, appreciated the contribution of the state police

देहरादून, 21 अक्टूबर 2024: आज पुलिस शहीद स्मृति दिवस के अवसर पर पुलिस लाइन देहरादून स्थित शहीद स्मारक स्थल पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में उत्तराखण्ड के माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे, जिनमें पूर्व राज्यपाल श्री भगत सिंह कोश्यारी, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, कैबिनेट मंत्री श्री धन सिंह रावत, श्री गणेश जोशी, विधायक श्री विनोद चमोली, श्री मुन्ना सिंह चौहान और जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मधु चौहान शामिल थे।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी ने देश की आंतरिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और अर्धसैनिक बलों के बलिदानों का उल्लेख करते हुए कहा, “पिछले वर्ष में देशभर में 216 पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों ने शहादत दी, जिसमें उत्तराखंड पुलिस के 4 वीर सपूत भी शामिल हैं।” उन्होंने राष्ट्रीय पुलिस स्मारक की स्थापना का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों की सराहना की और कहा कि यह स्मारक देशभर के पुलिस बल के समर्पण और बलिदान का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने राज्य की भौगोलिक और सामरिक महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि उत्तराखंड एक संवेदनशील और महत्वपूर्ण राज्य है, जहाँ पुलिस की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने राज्य पुलिस की चुनौतियों जैसे नशे के कारोबार, साइबर क्राइम, महिला अपराध और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के प्रयासों का भी जिक्र किया।

मुख्यमंत्री ने 2025 तक “ड्रग्स-फ्री उत्तराखंड” का लक्ष्य रखते हुए बताया कि इस दिशा में त्रिस्तरीय एंटी नारकोटिक फोर्स का गठन किया गया है, जिसके तहत अब तक 1100 से अधिक नशा कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। साथ ही राज्य में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए थानों में महिला हेल्प डेस्क और क्यूआरटी (त्वरित प्रतिक्रिया टीम) के गठन की भी जानकारी दी।

पुलिस महानिदेशक श्री अभिनव कुमार ने भी अपने संबोधन में शहीद पुलिसकर्मियों के बलिदान की स्मृति को ताजा किया और कहा, “21 अक्टूबर का दिन हर वर्ष उन वीर पुलिसकर्मियों की याद में मनाया जाता है, जिन्होंने लद्दाख की हॉटस्प्रिंग में 1962 में चीनी अतिक्रमणकारियों से लोहा लेते हुए अपनी जान गंवाई थी।”

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारजनों को सम्मानित किया और शॉल भेंट की। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए सरकार समय-समय पर योजनाएं लागू कर रही है, और भविष्य में भी पुलिस बल के हित में नए कदम उठाए जाएंगे।

समारोह में उत्तराखंड पुलिस के उत्कृष्ट प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य पुलिस ने पंजीकृत मामलों के 83% का सफल अनावरण किया है और संगठित अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। उन्होंने पुलिस कर्मियों के आवासीय और कार्यकुशलता को बेहतर बनाने के लिए किए गए सरकारी प्रयासों की भी जानकारी दी।

आज के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों की कार्यशैली, समर्पण और देश सेवा की भावना को सलाम करते हुए कहा, “हमारे जवानों ने कड़ी मेहनत और प्रतिबद्धता के साथ हर चुनौती का सामना किया है, और भविष्य में भी पुलिस बल अपने कर्तव्यों का निष्ठा से पालन करते हुए राज्य की शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।”

 

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