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भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौता अप्रैल 2026 से लागू, 99% भारतीय उत्पादों को मिलेगा जीरो-ड्यूटी लाभ

India-UK Free Trade Agreement to come into effect from April 2026, 99% of Indian products to get zero-duty benefits

नई दिल्ली: भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौता (FTA) अप्रैल 2026 से लागू होने जा रहा है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के अनुसार, यह समझौता दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाई देगा और भारतीय निर्यातकों के लिए ब्रिटेन का बाजार पहले से अधिक सुलभ बना देगा।

इस डील का सबसे बड़ा आकर्षण यह है कि ब्रिटेन को भेजे जाने वाले करीब 99 प्रतिशत भारतीय उत्पादों पर सीमा शुल्क शून्य हो जाएगा। इससे भारतीय निर्यातकों को लागत के मोर्चे पर सीधा फायदा मिलेगा और वे वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अधिक मजबूती से उतर सकेंगे।

टेक्सटाइल, जेम्स-ज्वेलरी और समुद्री उत्पादों को बढ़त

सरकारी सूत्रों का कहना है कि यह समझौता विशेष रूप से श्रम-प्रधान क्षेत्रों के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है। टेक्सटाइल, रत्न एवं आभूषण, चमड़ा, फुटवियर, खिलौने और समुद्री उत्पाद जैसे सेक्टर को सीधा लाभ मिलेगा।

अब तक इन क्षेत्रों को ब्रिटिश बाजार में शुल्क बाधाओं का सामना करना पड़ता था, जिससे उनकी कीमतें प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में अधिक हो जाती थीं। जीरो-ड्यूटी व्यवस्था लागू होने के बाद भारतीय उत्पाद वियतनाम और बांग्लादेश जैसे देशों के मुकाबले अधिक प्रतिस्पर्धी हो सकेंगे।

आईटी पेशेवरों के लिए ‘डबल कंट्रीब्यूशन’ से राहत

समझौते के तहत सेवाओं के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल हैं। दोनों देशों ने डबल कंट्रीब्यूशन कन्वेंशन (DCC) पर सहमति जताई है। इसके तहत जो भारतीय पेशेवर तीन वर्ष तक के लिए ब्रिटेन में काम करेंगे, उन्हें वहां सोशल सिक्योरिटी टैक्स का दोहरा भुगतान नहीं करना होगा।

इससे भारतीय आईटी कंपनियों की परिचालन लागत कम होगी और कर्मचारियों को वैश्विक अवसरों का लाभ उठाने में आसानी होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रावधान भारत के सेवाक्षेत्र के लिए दीर्घकालिक रूप से लाभकारी रहेगा।

स्कॉच व्हिस्की और कारों पर घटेगा शुल्क

भारत ने भी समझौते के तहत कुछ ब्रिटिश उत्पादों पर आयात शुल्क में कटौती का निर्णय लिया है। स्कॉच व्हिस्की पर मौजूदा 150 प्रतिशत शुल्क को घटाकर पहले चरण में 75 प्रतिशत किया जाएगा और आने वाले वर्षों में इसे 40 प्रतिशत तक लाया जाएगा।

इसी प्रकार ब्रिटिश कारों पर भी चरणबद्ध तरीके से शुल्क घटाया जाएगा। इसके बदले भारत को इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहनों के लिए ब्रिटेन में विशेष कोटा मिलेगा, जिससे भारतीय ऑटो उद्योग को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।

2030 तक 100 अरब डॉलर व्यापार का लक्ष्य

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के बीच इस समझौते को अंतिम रूप दिया गया था। वर्तमान में यह प्रक्रिया ब्रिटेन की संसदीय स्वीकृति के अंतिम चरण में है।

दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब डॉलर के पार ले जाने का लक्ष्य तय किया है। आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता भारत को वैश्विक विनिर्माण और सेवा केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में अहम कदम साबित होगा।

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