उत्तराखंड रजत जयंती वर्ष की शुरुआत, सीएम धामी ने बताया राज्य का विजन और भविष्य का रोडमैप
Uttarakhand's Silver Jubilee year begins; CM Dhami outlines the state's vision and future roadmap.
देहरादून: उत्तराखंड राज्य के गठन की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर आज से रजत जयंती वर्ष उत्सव कार्यक्रमों की शुरुआत हो गई है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य की उपलब्धियों, चुनौतियों और भविष्य की दिशा पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि यह वर्ष केवल जश्न का नहीं, बल्कि आत्ममंथन और नए संकल्पों का है।
राज्य की उपलब्धियों और चुनौतियों पर फोकस
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड ने 25 वर्षों की यात्रा में बुनियादी ढांचे, शिक्षा, पर्यटन, महिला सशक्तिकरण और डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि राज्य ने प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करते हुए विकास की दिशा में निरंतर कदम बढ़ाए हैं।
धामी ने यह भी स्वीकार किया कि राज्य के सामने भू-स्खलन, रोजगार, पलायन और पर्यावरणीय संतुलन जैसी चुनौतियां हैं, जिनसे निपटने के लिए सरकार ने ठोस योजनाएं बनाई हैं। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि उत्तराखंड आने वाले दशक में देश के अग्रणी और आत्मनिर्भर राज्यों में शामिल हो।”
विधानसभा में विशेष सत्र, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री होंगे शामिल
मुख्यमंत्री ने बताया कि तीन नवंबर को विधानसभा में विशेष सत्र बुलाया गया है, जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की उपस्थिति राज्य के लिए ऐतिहासिक होगी। यह सत्र राज्य के विकास, नीतियों और भविष्य के विजन पर केंद्रित रहेगा।
वहीं राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर 9 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तराखंड आएंगे। सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री का आगमन राज्य के लिए गौरव का क्षण होगा और यह अवसर जनता में नया जोश और आत्मविश्वास जगाएगा।
राज्य का भविष्य: आदर्श और श्रेष्ठ उत्तराखंड की दिशा में
सीएम धामी ने कहा कि विधानसभा के दो दिवसीय सत्र में पक्ष और विपक्ष दोनों मिलकर राज्य के भविष्य के लिए एक साझा रोडमैप तैयार करेंगे। उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि उत्तराखंड आने वाले वर्षों में एक आदर्श, आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य बने, जहाँ विकास के साथ संस्कृति और प्रकृति दोनों का संतुलन बना रहे।”
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री का राज्योत्सव में शामिल होना पूरे उत्तराखंड के लिए प्रेरणादायक अवसर है। उन्होंने कहा, “हम सभी के लिए यह गर्व की बात है कि देश के सर्वोच्च नेतृत्व का आशीर्वाद हमें प्राप्त होगा। यह रजत जयंती वर्ष राज्य के हर नागरिक को नई ऊर्जा और दिशा देगा।”
तैयारियों का अंतिम चरण पूरा
धामी सरकार ने रजत जयंती समारोहों की तैयारियां पूरी कर ली हैं। राज्य के सभी जिलों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, विकास प्रदर्शनियाँ और राज्य निर्माण में योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित करने के आयोजन किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के 25 वर्ष की यात्रा जनभागीदारी और समर्पण की मिसाल है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे रजत जयंती वर्ष को “संकल्प वर्ष” के रूप में मनाएं और एक समृद्ध, सशक्त व आत्मनिर्भर उत्तराखंड के निर्माण में योगदान दें।

