हरिद्वार: धर्मनगरी हरिद्वार में बनने वाले हरिद्वार कॉरिडोर को लेकर उत्तराखंड सरकार के प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम ने स्टेक होल्डर्स के साथ बैठक की। उन्होंने स्पष्ट किया कि परियोजना के तहत किसी भी तरह के ध्वस्तीकरण की योजना नहीं है।
नगर निगम की संपत्तियों को किया जाएगा स्थानांतरित
प्रमुख सचिव ने बताया कि पहले चरण में केवल हरकी पैड़ी के पास स्थित जहान्वी मार्केट और हरिद्वार बस स्टैंड को स्थानांतरित करने की योजना है। इसके तहत जिन दुकानों को हटाया जाएगा, उनके मालिकों और किरायेदारों को नए स्थानों पर दुकानें उपलब्ध कराई जाएंगी।
हरिद्वार में जाम से मिलेगी निजात
कॉरिडोर योजना के तहत हरिद्वार बस अड्डे को चंडीघाट क्षेत्र में शिफ्ट किया जाएगा। इससे शहर में लगने वाले ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी। शिफ्टिंग के बाद मौजूदा बस अड्डे की जगह एक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाया जाएगा, जहां हरकी पैड़ी से हटाए गए दुकानदारों को दुकानें आवंटित की जाएंगी।
किरायेदारों को मिलेगा मुआवजा
सरकार ने आश्वासन दिया है कि इस योजना में किसी को उजाड़ा नहीं जाएगा। जहान्वी मार्केट, जो नगर निगम की संपत्ति है, उसे हटाकर शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में स्थानांतरित किया जाएगा। किरायेदारों को मुआवजा और नई दुकानें दी जाएंगी, जबकि केवल अतिक्रमण को हटाया जाएगा।
मालवीय द्वीप की तरह बनेगा नया द्वीप
हरकी पैड़ी के स्वरूप को बिल्कुल भी बदला नहीं जाएगा। इसके बजाय, गंगा में एक नया द्वीप बनाया जाएगा, ठीक उसी तरह जैसे मालवीय द्वीप है। इससे यात्रियों के बैठने की संख्या बढ़ेगी और भीड़ प्रबंधन में सुधार होगा।
बैठक रही सकारात्मक
गंगा सभा के महामंत्री तन्मय वशिष्ठ ने बताया कि यह बैठक सकारात्मक रही और व्यापारियों को अब किसी भी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है। सरकार की योजना हरिद्वार को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने और श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव देने की है।



