ऑस्ट्रेलिया के बाएं हाथ के स्पिनर मैथ्यू कुहनेमैन का गेंदबाजी एक्शन संदिग्ध पाया गया है। इसके चलते उन्हें ब्रिसबेन के आईसीसी मान्यता प्राप्त केंद्र में अपने एक्शन की जांच करानी होगी। अगर परीक्षण में उनका एक्शन अवैध पाया जाता है, तो उन्हें क्रिकेट से निलंबित किया जा सकता है।
क्या है मामला?
आईसीसी के नियमों के तहत गेंदबाजों को 15 डिग्री तक के हाथ के लचीलेपन की अनुमति होती है। अगर किसी गेंदबाज का एक्शन इस सीमा से अधिक होता है, तो उसे अवैध करार दिया जाता है।
मैथ्यू कुहनेमैन पर प्रतिबंध का खतरा
- जब तक कुहनेमैन अपना गेंदबाजी एक्शन सुधार नहीं लेते, तब तक उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में गेंदबाजी करने की अनुमति नहीं मिलेगी।
- हालांकि, वह घरेलू क्रिकेट में अपने राज्य की टीम तस्मानिया के लिए खेल सकते हैं।
कैसे सामने आया विवाद?
- श्रीलंका में हाल ही में समाप्त हुई दो मैचों की टेस्ट सीरीज के बाद उनका गेंदबाजी एक्शन संदिग्ध पाया गया।
- इस सीरीज में कुहनेमैन ने सबसे अधिक 16 विकेट झटके थे।
- उन्होंने 2023 में भारत के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था और इंदौर में खेले गए टेस्ट में पहली पारी में छह विकेट चटकाकर ऑस्ट्रेलिया की जीत में अहम भूमिका निभाई थी।
- अब तक खेले 5 टेस्ट मैचों में उन्होंने 22.20 की औसत से 25 विकेट अपने नाम किए हैं।
ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट का बयान
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (CA) ने कुहनेमैन का समर्थन करते हुए कहा कि यह उनके करियर में पहली बार है जब उनके गेंदबाजी एक्शन को संदिग्ध बताया गया है।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने कहा:
- “मैट ने 2017 में अपने डेब्यू के बाद से 124 पेशेवर मैच खेले हैं, जिनमें 5 टेस्ट और 4 वनडे इंटरनेशनल मैच शामिल हैं।”
- “2018 से उन्होंने 55 बिग बैश लीग (BBL) मैच भी खेले हैं।”
- “पिछले 8 वर्षों में पहली बार उनके एक्शन पर सवाल उठाया गया है।”
- “हम आईसीसी के नियमों का पालन करते हुए, आईसीसी और स्वतंत्र विशेषज्ञों के साथ मिलकर इस मामले को सुलझाने की प्रक्रिया में हैं।”
क्या होगा आगे?
अगर आईसीसी की जांच में उनका एक्शन अवैध साबित होता है, तो उन्हें गेंदबाजी से प्रतिबंधित किया जा सकता है। हालांकि, वह अपने एक्शन में सुधार कर पुनः परीक्षण के बाद दोबारा गेंदबाजी कर सकते हैं।
निष्कर्ष:
मैथ्यू कुहनेमैन के लिए यह झटका है, क्योंकि वह ऑस्ट्रेलिया के उभरते हुए स्पिनरों में से एक हैं। उनके भविष्य पर फैसला आईसीसी के ब्रिसबेन परीक्षण के नतीजे पर निर्भर करेगा।



