उत्तराखंड

केदारनाथ विवाद: मुकेश अंबानी के दर्शन के बाद BKTC अध्यक्ष पर परंपरा उल्लंघन के आरोप, हेमंत द्विवेदी ने किया खंडन

Kedarnath controversy: Hemant Dwivedi denies allegations of violating tradition against BKTC president after Mukesh Ambani's visit

केदारनाथ धाम में उद्योगपति मुकेश अंबानी के दर्शन के बाद धार्मिक और प्रशासनिक विवाद तेज हो गया। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी पर मंदिर की सदियों पुरानी परंपराओं का उल्लंघन करने का आरोप लगा। इस आरोप के समर्थन में केदार सभा और उत्तराखंड चारधाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत ने भी विरोध जताया।


तीर्थ पुरोहित महापंचायत की आपत्ति

केदार सभा के अध्यक्ष राजकुमार तिवारी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखकर द्विवेदी को पद से हटाने की मांग की। चारधाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत के उपाध्यक्ष संतोष त्रिवेदी ने भी BKTC अध्यक्ष की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि वीआईपी दर्शन के नाम पर श्रद्धालुओं से धन वसूली और आम भक्तों के लिए उचित दर्शन समय न मिलने जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं।


परंपरा उल्लंघन के आरोप

संतोष त्रिवेदी का कहना है कि केदारनाथ में किसी को भी बाघंबर ओढ़ाने और आशीर्वाद देने का अधिकार केवल मुख्य पुजारी और पंडा-पुरोहितों का है। उन्होंने आरोप लगाया कि द्विवेदी ने अंबानी को बाघंबर ओढ़ाकर और आशीर्वाद देकर धार्मिक मर्यादाओं का उल्लंघन किया।


हेमंत द्विवेदी का खंडन

दूसरी ओर BKTC अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने इन आरोपों का स्पष्ट खंडन किया। उन्होंने कहा कि किसी भी धार्मिक या पौराणिक परंपरा का उल्लंघन नहीं हुआ। गर्भगृह में पूजा पूरी तरह मुख्य पुजारी और पंडा पुरोहितों की मौजूदगी में संपन्न हुई। उनका उद्देश्य केवल समिति की औपचारिक भूमिका निभाना था, न कि धार्मिक अधिकार का अतिक्रमण।


केदार सभा और BKTC के रिश्ते

द्विवेदी ने कहा कि केदार सभा और BKTC दोनों एक परिवार की तरह हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे जल्द ही सभा के सभी सदस्यों से मिलकर शिकायतों का समाधान करेंगे। उन्होंने बताया कि वीआईपी दर्शन व्यवस्था पहले से चल रही थी और SOP तैयार कर इसे और पारदर्शी बनाया जाएगा।


अंबानी परिवार का दान और सकारात्मक पहल

विवादों के बीच, अंबानी परिवार ने इस बार 10 करोड़ रुपये का दान दिया। यह राशि धामों के विकास, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और पंडा-पुरोहितों के कल्याण में खर्च की जाएगी। द्विवेदी ने बताया कि यह सहयोग केदार सभा और तीर्थ पुरोहित महापंचायत के साथ मिलकर संभव हुआ।


केदारनाथ विवाद ने उत्तराखंड में धार्मिक परंपराओं और मंदिर प्रबंधन को लेकर बड़ी बहस छेड़ दी है। BKTC अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने परंपराओं का सम्मान बनाए रखने का आश्वासन दिया है, और अब नजरें इस पर टिक गई हैं कि सरकार इस विवाद में क्या कदम उठाती है और केदार सभा व BKTC के बीच सुलह संभव होती है या नहीं।

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