उत्तराखंड

राज्यपाल गुरमीत सिंह बोले- रिवर्स पलायन, AI और महिला सशक्तिकरण से बनेगा विकसित उत्तराखंड

Governor Gurmeet Singh says a developed Uttarakhand will be built through reverse migration, AI, and women's empowerment.

उत्तराखंड के राज्यपाल Governor Gurmit Singh ने अपने पांच वर्षों के कार्यकाल को केवल संवैधानिक जिम्मेदारियों तक सीमित न मानते हुए इसे राज्य के समग्र विकास का मिशन बताया है। ईटीवी भारत से विशेष बातचीत में Governor Gurmit Singh ने कहा कि राजभवन को जनता से जोड़ना, शिक्षा और तकनीक को बढ़ावा देना, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना, रिवर्स पलायन को प्रोत्साहित करना और गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना उनके कार्यकाल की सबसे बड़ी प्राथमिकताएं रहीं। उनका कहना है कि राजभवन केवल औपचारिक कार्यक्रमों का केंद्र न रहकर विकास और नवाचार का प्रेरक संस्थान बनना चाहिए।

पांच मिशनों पर केंद्रित रहा कार्यकाल

Governor Gurmit Singh ने बताया कि 15 सितंबर 2021 को राज्यपाल का पदभार संभालने के बाद उन्होंने उत्तराखंड की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए पांच प्रमुख मिशन तय किए। इनमें रिवर्स पलायन, महिला सशक्तिकरण एवं बालिका शिक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का विस्तार, जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना और प्रत्येक जिले में स्थानीय संसाधनों पर आधारित एक गेमचेंजर गतिविधि विकसित करना शामिल था।

उन्होंने कहा कि राज्य के पहाड़ी क्षेत्रों से पलायन रोकने के लिए केवल सरकारी योजनाएं पर्याप्त नहीं हैं। गांवों में रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और स्थानीय संसाधनों पर आधारित मजबूत अर्थव्यवस्था तैयार करनी होगी। उनका मानना है कि जब ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी आय के अवसर बढ़ेंगे, तभी लोग अपने गांवों की ओर लौटेंगे।

महिला सशक्तिकरण को बताया सबसे बड़ी उपलब्धि

Governor Gurmit Singh ने कहा कि उनके कार्यकाल की सबसे संतोषजनक उपलब्धि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं का बढ़ता आत्मविश्वास और आर्थिक सशक्तिकरण रहा है। उन्होंने कहा कि आज उत्तराखंड की महिलाएं केवल परिवार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

उन्होंने बताया कि बालिका शिक्षा, कौशल विकास और स्वरोजगार कार्यक्रमों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ने से गांवों में सामाजिक बदलाव भी दिखाई दे रहा है। उनके अनुसार उत्तराखंड के विकास की मजबूत नींव महिला सशक्तिकरण ही है।

उच्च शिक्षा और शोध को विकास से जोड़ा

Governor Gurmit Singh ने कहा कि विश्वविद्यालयों को केवल डिग्री देने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने “वन यूनिवर्सिटी-वन रिसर्च” पहल के माध्यम से राज्य की वास्तविक समस्याओं पर शोध को बढ़ावा दिया। इसके साथ ही कॉलेज संबद्धता प्रक्रिया को ऑनलाइन और पारदर्शी बनाया गया।

उन्होंने बताया कि उत्तराखंड कॉलेज एफिलिएशन पोर्टल, यूनिवर्सिटी कनेक्ट उत्तराखंड और यूनिसंगम मोबाइल ऐप जैसी डिजिटल पहल से उच्च शिक्षा व्यवस्था अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनी है।

AI आधारित तकनीक को दी नई दिशा

Governor Gurmit Singh का मानना है कि आने वाला समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का है और उत्तराखंड को इस दिशा में अग्रणी बनना चाहिए। उन्होंने बताया कि राजभवन में AI आधारित स्मार्ट ऑटोमेशन, ई-ऑफिस, डिजिटल डैशबोर्ड और आधुनिक लाइब्रेरी मैनेजमेंट सिस्टम लागू किए गए हैं।

इसके अलावा मैत्री AI चैटबॉट, गार्गी नारी शक्ति चैटबॉट और इटरनल गुरु AI जैसी डिजिटल पहल शुरू की गई हैं। इनका उद्देश्य आम नागरिकों तक सरकारी जानकारी, महिला अधिकारों, स्वास्थ्य, करियर और आध्यात्मिक विषयों से जुड़ी सेवाएं आसान तरीके से पहुंचाना है।

गांव-गांव पहुंचकर समझीं लोगों की समस्याएं

Governor Gurmit Singh ने बताया कि उन्होंने अपने कार्यकाल को केवल राजभवन तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने राज्य के सभी जिलों का दौरा किया और 51 में से 30 वाइब्रेंट विलेज तक स्वयं पहुंचे। कई गांवों में रात्रि विश्राम कर स्थानीय लोगों से संवाद किया और उनकी समस्याओं को नजदीक से समझा।

उन्होंने कहा कि हर दौरे के दौरान जिला प्रशासन के साथ विकास योजनाओं की समीक्षा की गई और विभिन्न केंद्रीय संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर विकास कार्यों को गति देने का प्रयास किया गया।

राजभवन बना ज्ञान और नवाचार का केंद्र

राज्यपाल ने बताया कि उनके कार्यकाल में राजभवन की प्रेरणा से 108 से अधिक प्रकाशनों का प्रकाशन किया गया। उनका मानना है कि किसी भी राज्य के विकास, संस्कृति और शोध कार्यों का व्यवस्थित दस्तावेजीकरण भविष्य के लिए महत्वपूर्ण होता है।

उन्होंने यह भी कहा कि राजभवन को जनता के लिए अधिक सुलभ बनाने के उद्देश्य से देहरादून और नैनीताल स्थित लोक भवन का वर्चुअल टूर भी शुरू किया गया है, जिससे आम नागरिक डिजिटल माध्यम से राजभवन को देख सकते हैं।

भविष्य की प्राथमिकताएं भी स्पष्ट

Governor Gurmit Singh ने कहा कि आने वाले समय में उत्तराखंड में AI कल्चर विकसित करने पर विशेष जोर रहेगा। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पर्यटन और प्रशासन जैसे क्षेत्रों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा।

इसके साथ ही उन्होंने “नशा मुक्त उत्तराखंड” अभियान को जन आंदोलन बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने बताया कि लगभग 35 लाख विद्यार्थियों को नशामुक्ति की शपथ दिलाने का लक्ष्य रखा गया है ताकि युवा पीढ़ी सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य की ओर बढ़ सके।

जनता से जुड़ा रहेगा राजभवन

बातचीत के अंत में Governor Gurmit Singh ने कहा कि उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि राजभवन को जनता से जोड़ना रही है। उनका मानना है कि संवैधानिक पद तभी सार्थक है, जब वह समाज को प्रेरित करे, नई पहल शुरू करे और विभिन्न संस्थाओं को एक मंच पर लाकर राज्य के विकास में योगदान दे। उन्होंने विश्वास जताया कि शिक्षा, तकनीक, महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भर गांवों की दिशा में शुरू किए गए प्रयास आने वाले वर्षों में उत्तराखंड के विकास की मजबूत आधारशिला साबित होंगे।

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