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Weather Update: कमजोर पड़ा मानसून, 372 जिलों में बारिश की कमी; जानिए दिल्ली, यूपी समेत देशभर में कैसा रहेगा मौसम

Weather Update: Monsoon weakens, rainfall deficit in 372 districts; find out what the weather will be like across the country, including Delhi and UP.

Weather Update के अनुसार देशभर में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ गई है, जिससे खेती-किसानी के साथ-साथ जल संसाधनों को लेकर भी चिंता बढ़ने लगी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना जताई है, लेकिन व्यापक स्तर पर मानसून अभी भी कमजोर बना हुआ है। केंद्र सरकार के अनुसार देश के 372 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है, जबकि 68 जिले सबसे अधिक प्रभावित श्रेणी में हैं। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि 20 जुलाई तक मानसून की स्थिति में बड़े बदलाव की संभावना कम है, हालांकि इसके बाद बंगाल की खाड़ी में बनने वाली नई मौसमी प्रणाली से राहत मिल सकती है।

Weather Update: 372 जिलों में सामान्य से कम बारिश

इस बार मानसून की शुरुआत अच्छी रही थी, लेकिन जुलाई के मध्य तक पहुंचते-पहुंचते इसकी गति कमजोर पड़ गई। Weather Update के मुताबिक देश के 372 जिलों में सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है। इनमें से 68 जिले ऐसे हैं जहां बारिश की कमी सबसे अधिक है।

कम वर्षा का सीधा असर कृषि गतिविधियों पर दिखाई देने लगा है। खेतों में पर्याप्त नमी नहीं होने के कारण कई क्षेत्रों में किसानों को बुआई रोकनी पड़ी है। सरकार लगातार स्थिति की समीक्षा कर रही है और राज्यों से नियमित रिपोर्ट ले रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश नहीं होती है तो खरीफ फसलों के उत्पादन पर भी असर पड़ सकता है।

IMD ने कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया

हालांकि मानसून कमजोर है, लेकिन Weather Update के अनुसार कुछ राज्यों में स्थानीय स्तर पर भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, बिहार, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कई इलाकों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है।

इसके अलावा पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में तेज हवाओं, गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना भी जताई गई है।

दिल्ली-एनसीआर में हल्की बारिश से मिलेगी राहत

Weather Update के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर में फिलहाल भारी बारिश की संभावना नहीं है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक बीच-बीच में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है।

इससे उमस से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन तापमान में बहुत अधिक गिरावट की संभावना नहीं है। राजधानी में मौसम फिलहाल गर्म और उमस भरा बना रहेगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि दिल्ली में व्यापक बारिश के लिए अभी कुछ दिन और इंतजार करना पड़ सकता है।

उत्तराखंड और हिमाचल में सक्रिय रहेगा मानसून

उत्तर भारत के पर्वतीय राज्यों में Weather Update अपेक्षाकृत अधिक सक्रिय दिखाई दे रहा है।

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक कई स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। इन राज्यों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने जैसी घटनाओं का खतरा भी बना रहेगा।

पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए भी मौसम विभाग ने भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली में केवल छिटपुट वर्षा होने के आसार हैं।

राजस्थान में एक सप्ताह तक कमजोर रहेगा मानसून

Weather Update के अनुसार राजस्थान में अगले एक सप्ताह तक मानसून की गतिविधियां कमजोर बनी रह सकती हैं।

राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। पश्चिमी राजस्थान में धूल भरी तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि कुछ इलाकों में हल्की बारिश होने की संभावना है।

हालांकि फिलहाल राज्य में व्यापक वर्षा के संकेत नहीं मिल रहे हैं, जिससे किसानों की चिंता बढ़ सकती है।

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में होगी अच्छी बारिश

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के लिए Weather Update अपेक्षाकृत राहतभरी है।

बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में अच्छी बारिश की संभावना जताई गई है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है।

इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में लगातार बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने इन राज्यों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

कमजोर मानसून से खेती-किसानी पर बढ़ा संकट

इस बार Weather Update का सबसे बड़ा असर कृषि क्षेत्र में दिखाई दे रहा है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार पिछले वर्ष की तुलना में इस समय तक लगभग एक करोड़ हेक्टेयर कम क्षेत्र में बुआई हुई है। पर्याप्त वर्षा नहीं होने के कारण किसान कई इलाकों में खरीफ फसलों की बुआई नहीं कर पा रहे हैं।

केंद्र सरकार का मानना है कि यदि जुलाई के दूसरे पखवाड़े में मानसून सक्रिय हो जाता है तो खेती की स्थिति में तेजी से सुधार हो सकता है। इसी वजह से इस बार बुआई का मौसम अगस्त के मध्य तक बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

20 जुलाई के बाद बदल सकता है मौसम का मिजाज

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार Weather Update में सबसे महत्वपूर्ण बदलाव 20 जुलाई के बाद देखने को मिल सकता है।

अनुमान है कि बंगाल की खाड़ी में नई मौसमी प्रणाली विकसित होगी, जिससे मानसून दोबारा सक्रिय हो सकता है। यदि ऐसा होता है तो देश के कई हिस्सों में बारिश की कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है।

इससे न केवल किसानों को राहत मिलेगी, बल्कि जलाशयों का जलस्तर बढ़ने, पेयजल संकट कम होने और खरीफ फसलों की स्थिति बेहतर होने की भी उम्मीद है।

फिलहाल मौसम विभाग और केंद्र सरकार दोनों आगामी मौसमी गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले एक सप्ताह तक लोगों को स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के अनुसार ही यात्रा और कृषि संबंधी योजनाएं बनानी चाहिए। यदि 20 जुलाई के बाद मानसून पूरी तरह सक्रिय होता है तो देश के अधिकांश हिस्सों में वर्षा की स्थिति सामान्य होने की संभावना बढ़ जाएगी, जिससे खेती, जल संसाधनों और जनजीवन को बड़ी राहत मिल सकती है।

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