उत्तराखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल नैनीताल में इन दिनों मौसम का मिजाज बदला-बदला नजर आ रहा है। शुक्रवार को शहर में बादलों और धूप का मिला-जुला असर देखने को मिला, जिससे वातावरण सुहावना बना रहा। हालांकि, मौसम में ठंडक के बावजूद तापमान में गिरावट नहीं आई और अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रही, लेकिन उमस और गर्मी का हल्का एहसास भी लोगों को परेशान करता रहा।
तापमान बढ़ने से गर्मी का अहसास
नैनीताल में मौसम भले ही देखने में ठंडा और आरामदायक लग रहा हो, लेकिन तापमान सामान्य से थोड़ा अधिक बना हुआ है। इसी कारण लोगों को दिनभर हल्की गर्मी महसूस हुई। शाम के समय तेज हवाओं का दौर शुरू हुआ, जिससे मौसम कुछ हद तक ठंडा जरूर हुआ, लेकिन दिनभर की गर्माहट बनी रही। मौसम विभाग के अनुसार, यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के कारण हो रहा है, जो आने वाले दिनों में भी असर दिखा सकता है।
पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश और हिमपात की संभावना
मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि आने वाले दिनों में प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है। इसके साथ ही 4000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में हल्का हिमपात भी देखने को मिल सकता है। तेज हवाओं के चलने की संभावना भी जताई गई है, जिससे तापमान में थोड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। जीआईसी मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, नैनीताल में न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है।
वीकेंड पर भी कम पहुंचे सैलानी
मौसम अनुकूल होने के बावजूद इस वीकेंड नैनीताल में सैलानियों की संख्या उम्मीद से काफी कम रही। आमतौर पर वीकेंड पर यहां बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं, लेकिन इस बार तीन दिनों में सैलानियों की संख्या पांच हजार के आंकड़े को भी पार नहीं कर सकी। इससे पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों में निराशा का माहौल देखने को मिला।
माल रोड और पर्यटन स्थल रहे सूने
सैलानियों की कमी का असर शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भी साफ नजर आया। माल रोड, जो आमतौर पर पर्यटकों से गुलजार रहती है, इस बार काफी हद तक खाली दिखाई दी। इसके अलावा स्नो व्यू, हिमालय दर्शन, वॉटरफॉल, चिड़ियाघर और केव गार्डन जैसे लोकप्रिय स्थलों पर भी पर्यटकों की संख्या बहुत कम रही। यहां तक कि नैनी झील में नौकाविहार करने वाले सैलानियों की संख्या भी काफी घट गई।
पिछले वीकेंड के मुकाबले कम रही भीड़
पिछले वीकेंड पर नैनीताल में अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिली थी, जिससे पर्यटन कारोबारियों को बेहतर व्यवसाय मिला था। लेकिन इस बार सैलानियों की संख्या में अचानक आई गिरावट ने सभी को चौंका दिया है। टोल टैक्स चुंगी के आंकड़ों के अनुसार, इस बार तीन दिनों में करीब पांच हजार पर्यटक ही शहर पहुंचे, जो सामान्य दिनों के मुकाबले काफी कम है।
पर्यटन कारोबारियों में चिंता का माहौल
सैलानियों की कम संख्या से होटल, रेस्टोरेंट और अन्य पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों की चिंता बढ़ गई है। कई कारोबारियों का कहना है कि अगर आने वाले दिनों में भी यही स्थिति बनी रही, तो सीजन पर इसका नकारात्मक असर पड़ सकता है। हालांकि, उन्हें उम्मीद है कि मैदानी इलाकों में बढ़ती गर्मी के कारण जल्द ही पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी।
यातायात व्यवस्था सुधारने की मांग
नैनीताल होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह बिष्ट ने कहा कि ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन शुरू होने से पहले शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना बेहद जरूरी है। उनका मानना है कि यदि यातायात सुचारू रहेगा, तो पर्यटक यहां आने में अधिक रुचि दिखाएंगे और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
आने वाले दिनों में बढ़ सकती है सैलानियों की संख्या
पर्यटन से जुड़े लोगों को उम्मीद है कि जैसे-जैसे मैदानी क्षेत्रों में तापमान बढ़ेगा, वैसे-वैसे लोग ठंडक की तलाश में पहाड़ों की ओर रुख करेंगे। इससे नैनीताल में भी पर्यटकों की संख्या बढ़ने की संभावना है। फिलहाल, मौसम सुहावना होने के बावजूद शहर की रौनक कम बनी हुई है, लेकिन आने वाले दिनों में इसमें सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।


