Baisakhi Ganga Snan: हरिद्वार में आस्था की डुबकी, दो दिनों तक चलेगा स्नान, पूजन और दान
Baisakhi Ganga Snan: A Dip of Faith in Haridwar—Bathing, Worship, and Charity to Continue for Two Days.
धर्मनगरी Haridwar में बैसाखी पर्व के मौके पर Baisakhi Ganga Snan के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। सोमवार सुबह से ही हर की पौड़ी और अन्य गंगा घाटों पर लोग स्नान कर पुण्य अर्जित कर रहे हैं। दूर-दराज से आए श्रद्धालु मां गंगा में डुबकी लगाकर अपनी आस्था व्यक्त कर रहे हैं।
दो दिनों तक चलेगा पर्व
इस बार Baisakhi Ganga Snan का पर्व दो दिनों तक मनाया जा रहा है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार 13 और 14 अप्रैल दोनों दिन इस पर्व का महत्व है। खासतौर पर 14 अप्रैल को सूर्य के मेष राशि में प्रवेश करने के कारण इसका महत्व और बढ़ जाता है, जिससे wELO श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना है।
गंगा स्नान का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार Baisakhi Ganga Snan करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और पापों से मुक्ति मिलती है। मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान, सूर्य पूजन और दान करने से विशेष पुण्य फल प्राप्त होता है। यही कारण है कि हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचते हैं।
हर की पौड़ी पर श्रद्धालुओं की भीड़
प्रसिद्ध घाट Har Ki Pauri पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। Baisakhi Ganga Snan के दौरान लोग पूरे श्रद्धा भाव से गंगा में डुबकी लगाकर पूजा-अर्चना कर रहे हैं। घाटों पर भक्ति का माहौल बना हुआ है।
दान और पूजन की परंपरा
Baisakhi Ganga Snan के साथ दान-पुण्य की भी विशेष परंपरा जुड़ी हुई है। श्रद्धालु गंगा स्नान के बाद अपने गुरुओं और तीर्थ पुरोहितों को फल, वस्त्र और अन्य सामग्री दान कर रहे हैं। माना जाता है कि इस दिन किया गया दान कई गुना फल देता है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। पूरे मेला क्षेत्र को जोन और सेक्टर में बांटा गया है। Baisakhi Ganga Snan के दौरान पुलिस, पीएसी, जल पुलिस और बम निरोधक दस्ते तैनात किए गए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।
यातायात व्यवस्था में बदलाव
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया है। Baisakhi Ganga Snan के दौरान शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है और पार्किंग के लिए अलग व्यवस्था की गई है। इससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसका खास ध्यान रखा जा रहा है।
ज्योतिषीय कारणों से बढ़ा महत्व
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस दिन सूर्य मकर राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करता है। Baisakhi Ganga Snan का यह समय नए सौर वर्ष की शुरुआत का संकेत भी देता है। इस कारण इसे बेहद शुभ माना जाता है और नए कार्यों की शुरुआत के लिए भी यह दिन खास होता है।
देशभर से पहुंचे श्रद्धालु
उत्तर भारत समेत कई राज्यों से श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचे हैं। Baisakhi Ganga Snan के लिए पंजाब, हिमाचल और अन्य राज्यों से लोग बड़ी संख्या में आ रहे हैं। घाटों पर भक्ति और आस्था का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है।



