Hemkund Sahib Yatra 2026: 6 फीट बर्फ के बीच सेना ने संभाला मोर्चा, 23 मई को खुलेंगे आस्था के द्वार
Hemkund Sahib Yatra 2026: Army takes charge amidst 6 feet of snow, doors of faith to open on May 23
हिमालय की ऊंची चोटियों पर स्थित सिखों के पवित्र तीर्थ स्थल श्री हेमकुंड साहिब की यात्रा 2026 को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। विश्व प्रसिद्ध इस धाम को श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से भारतीय सेना और गुरुद्वारा मैनेजमेंट ट्रस्ट ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभाल लिया है। हाल ही में एक संयुक्त निरीक्षण दल ने गोविंदघाट से लेकर धाम परिसर तक के दुर्गम पैदल मार्ग का जायजा लिया, जिसमें मार्ग और धाम परिसर में भारी बर्फबारी के निशान मिले हैं। प्रशासन और ट्रस्ट के लिए सबसे बड़ी चुनौती ‘अटलाकोटी’ जैसे विशाल ग्लेशियरों को काटकर रास्ता तैयार करना है।
अटलाकोटी पर विशाल हिमखंड
निरीक्षण दल की रिपोर्ट के अनुसार, समुद्र तल से लगभग 15,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित हेमकुंड साहिब धाम वर्तमान में सफेद चादर से ढका हुआ है।
-
बर्फ की स्थिति: मुख्य धाम परिसर और पवित्र सरोवर के आसपास अभी भी 5 से 6 फीट तक बर्फ जमी हुई है।
-
अटलाकोटी ग्लेशियर: यात्रा मार्ग का सबसे चुनौतीपूर्ण पड़ाव ‘अटलाकोटी’ है, जहाँ भारी हिमखंड (Glaciers) मौजूद हैं।
-
राहत की खबर: अधिकारियों का कहना है कि पिछले 10 दिनों में हुई बर्फबारी ‘नरम’ है। यदि आने वाले दिनों में चटक धूप खिलती है, तो यह बर्फ तेजी से पिघलेगी, जिससे रास्ता बनाने में आसानी होगी।
15 अप्रैल से शुरू होगा ‘बर्फ हटाओ’ अभियान
भारतीय सेना की वीर टुकड़ी 15 अप्रैल 2026 के बाद गोविंदघाट से अपने मिशन पर रवाना होगी। सेना के जवान आधुनिक उपकरणों और पारंपरिक औजारों की मदद से ग्लेशियरों को काटकर रास्ता तैयार करेंगे। गुरुद्वारा ट्रस्ट के सेवादार भी इस पुनीत कार्य में सेना का हाथ बंटाएंगे। ट्रस्ट को उम्मीद है कि मई के दूसरे सप्ताह तक रास्ता पूरी तरह सुगम हो जाएगा।
23 मई से शुरू होंगे दर्शन
हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट ने इस वर्ष की यात्रा की तिथियां पहले ही घोषित कर दी हैं:
-
पहला जत्था: यात्रा का आधिकारिक शुभारंभ 20 मई को ऋषिकेश से होगा, जहाँ से श्रद्धालुओं का पहला जत्था रवाना किया जाएगा।
-
कपाट उद्घाटन: हेमकुंड साहिब के कपाट 23 मई 2026 को पूरे विधि-विधान और अरदास के साथ संगत के लिए खोल दिए जाएंगे।
चमोली पुलिस का सुरक्षा कवच
हेमकुंड साहिब और बदरीनाथ धाम की यात्रा को ध्यान में रखते हुए चमोली पुलिस ने व्यापक तैयारियां की हैं। पुलिस अधीक्षक (SP) सुरजीत सिंह पंवार के निर्देशन में ‘स्मार्ट पुलिसिंग’ पर जोर दिया जा रहा है।
-
ट्रैफिक मैनेजमेंट: ज्योतिर्मठ (जोशीमठ) और कर्णप्रयाग जैसे प्रमुख जंक्शनों पर नए और स्पष्ट साइन बोर्ड लगाए गए हैं।
-
यात्री मार्गदर्शन: इन बोर्डों पर पार्किंग, गति सीमा (Speed Limit) और संवेदनशील स्लाइडिंग जोन (Landslide prone areas) की सटीक जानकारी दी गई है।
-
हादसों पर रोक: पुलिस का मुख्य उद्देश्य भारी ट्रैफिक के दौरान दुर्घटनाओं को शून्य करना और श्रद्धालुओं को जाम मुक्त सफर देना है।
23 अप्रैल को खुलेंगे कपाट
हेमकुंड साहिब मार्ग के निरीक्षण के साथ ही बदरीनाथ धाम की तैयारियों को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है। भगवान बदरी विशाल के कपाट 23 अप्रैल 2026 को सुबह 6:15 बजे ब्रह्म मुहूर्त में खोल दिए जाएंगे। ऐसे में चमोली पुलिस और प्रशासन पर दोहरा दबाव है, क्योंकि बदरीनाथ और हेमकुंड जाने वाले यात्री एक ही रूट का उपयोग करते हैं।
श्रद्धालुओं के लिए जरूरी सावधानियां
चूँकि हेमकुंड साहिब की चढ़ाई खड़ी और चुनौतीपूर्ण है, इसलिए यात्रियों को सलाह दी गई है कि:
-
मेडिकल चेकअप: चढ़ाई शुरू करने से पहले अपनी शारीरिक फिटनेस की जांच जरूर कराएं।
-
गर्म कपड़े: मई के महीने में भी ऊपर तापमान शून्य के करीब रहता है, इसलिए गर्म कपड़े और रैनकोट साथ रखें।
-
पंजीकरण: चारधाम यात्रा की तर्ज पर हेमकुंड साहिब के लिए भी आधिकारिक पंजीकरण अनिवार्य किया जा सकता है।
यात्रा 2026: मुख्य तिथियां (Table):
| विवरण | तिथि / समय |
| सेना का अभियान शुरू | 15 अप्रैल 2026 |
| पहला जत्था (ऋषिकेश) | 20 मई 2026 |
| हेमकुंड साहिब कपाट उद्घाटन | 23 मई 2026 |
| बदरीनाथ धाम कपाट उद्घाटन | 23 अप्रैल 2026 (06:15 AM) |




