देहरादून: मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मुख्यमंत्री आवास कूच, हाथीबड़कला में पुलिस ने रोका
Anganwadi workers march to the CM's residence demanding an increase in honorarium, stopped by police at Hathibarkala.
देहरादून: उत्तराखंड में मानदेय वृद्धि और अन्य मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का आक्रोश एक बार फिर सड़कों पर दिखाई दिया। शनिवार को प्रदेश के अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता देहरादून पहुंचीं और मुख्यमंत्री आवास कूच करने की कोशिश की। हालांकि पुलिस ने पहले से ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम करते हुए उन्हें न्यू कैंट रोड स्थित हाथीबड़कला क्षेत्र में बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया।
परेड मैदान से निकली रैली, रास्ते में रोका गया प्रदर्शन
आंगनबाड़ी कार्यकत्री सेविका मिनी कर्मचारी संगठन की प्रदेश अध्यक्ष रेखा नेगी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने परेड मैदान से रैली की शुरुआत की। रैली में शामिल महिलाएं हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाते हुए मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ रही थीं।
लेकिन जैसे ही रैली हाथीबड़कला क्षेत्र के पास पहुंची, वहां तैनात पुलिस बल ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वहीं रोक दिया, जिसके बाद आक्रोशित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सड़क पर ही धरने पर बैठ गईं।
सड़क पर धरना देकर जताया विरोध
बैरिकेडिंग पर रोके जाने के बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने वहीं बैठकर सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन जारी रखा। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लंबे समय से वे अपने मानदेय में बढ़ोतरी और काम की परिस्थितियों में सुधार की मांग कर रही हैं, लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
कम मानदेय में परिवार चलाना मुश्किल
संगठन की प्रदेश अध्यक्ष रेखा नेगी ने कहा कि आज पूरे प्रदेश से हजारों की संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ती, सेविका और मिनी कर्मचारी देहरादून पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि सभी महिलाएं अपनी लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रही हैं।
रेखा नेगी ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बहुत कम मानदेय दिया जाता है, जिससे परिवार का भरण-पोषण करना बेहद मुश्किल हो गया है। इसके साथ ही सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत उन पर अतिरिक्त काम का बोझ भी बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि इतनी जिम्मेदारियों के बावजूद उन्हें पर्याप्त आर्थिक सहयोग नहीं मिल रहा है।
18 हजार मानदेय और अन्य मांगें उठाईं
प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने सरकार से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए न्यूनतम 18 हजार रुपये मासिक मानदेय तय करने की मांग की। इसके अलावा उन्होंने राज्य सरकार से 140 रुपये प्रतिदिन मानदेय बढ़ाने और केंद्र सरकार को 150 रुपये प्रतिदिन वृद्धि का प्रस्ताव भेजने की भी मांग की है।
संगठन ने यह भी मांग उठाई कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बायोमेट्रिक मशीन से न जोड़ा जाए, क्योंकि कई दूरस्थ क्षेत्रों में तकनीकी और नेटवर्क से जुड़ी समस्याएं सामने आती हैं।
मुख्यमंत्री के नाम सौंपा गया ज्ञापन
प्रदर्शन के बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन में उनकी सभी प्रमुख मांगों का उल्लेख किया गया है और सरकार से जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की गई है।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।


