उत्तराखंड में हर जिले में बनेगा ‘मॉडल सहकारिता गांव’, मंत्री धन सिंह रावत ने मांगा विस्तृत रोडमैप
Uttarakhand Minister Dhan Singh Rawat has asked for a detailed roadmap to build a 'model cooperative village' in every district.
देहरादून: प्रदेश में सहकारिता आंदोलन को नई दिशा देने के लिए राज्य सरकार हर जिले में एक-एक ‘मॉडल सहकारिता गांव’ विकसित करने की तैयारी में है। इस महत्वाकांक्षी योजना को जल्द जमीन पर उतारने के लिए सहकारिता मंत्री धन सिंह रावत ने विभागीय अधिकारियों को विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
शनिवार को आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री ने कहा कि संस्कृत गांव की तर्ज पर विकसित होने वाले ये मॉडल गांव सहकारिता आधारित ग्रामीण अर्थव्यवस्था के मजबूत केंद्र बनेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन गांवों में सहकारी बैंक, कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) और सहकारी बाजार की स्थापना की जाएगी। सहकारी बाजार स्थानीय महिला स्वयं सहायता समूहों, किसान उत्पादक समूहों और ग्रामीण कारीगरों को अपने उत्पादों के विपणन के लिए सशक्त मंच उपलब्ध कराएगा।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा नया आधार
मंत्री रावत ने कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ाना, स्थानीय उत्पादन को प्रोत्साहन देना और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सहकारिता मॉडल के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है, बशर्ते योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।
बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सहकारी समितियों के 50 सचिवों को अध्ययन भ्रमण के लिए गुजरात भेजा जाए। इस दौरे में विशेष रूप से उन समितियों के सचिवों को प्राथमिकता दी जाएगी, जो शुरुआती चरण में कार्य कर रही हैं। उद्देश्य यह है कि वे सफल सहकारिता मॉडलों का अध्ययन कर अपने क्षेत्रों में नवाचार और सुधार लागू कर सकें।
घाटे में चल रही समितियों पर विशेष फोकस
मंत्री ने कहा कि होली के बाद संयुक्त निबंधक, अपर निबंधक और प्रभारी अधिकारी अपने-अपने जिलों में ब्लॉक स्तर पर समीक्षा बैठकें आयोजित करेंगे। घाटे में चल रही सहकारी समितियों को पुनर्जीवित करने के लिए जमीनी स्तर पर रणनीति बनाकर ठोस कार्ययोजना लागू की जाएगी। साथ ही सभी पैक्स और एपेक्स समितियों की नियमित बोर्ड बैठकें अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
पारदर्शी भर्ती और प्रचार-प्रसार पर जोर
सहकारी समितियों और सहकारी बैंकों में शत-प्रतिशत नियुक्तियां पारदर्शी तरीके से कराने के लिए आईबीपीएस के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया अपनाने के निर्देश दिए गए हैं। 15 मार्च तक भर्ती विज्ञापन जारी करने की समयसीमा तय की गई है, ताकि रिक्त पदों को शीघ्र भरा जा सके।
इसके अतिरिक्त, भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय की तर्ज पर प्रदेश में भी योजनाओं और उपलब्धियों का व्यापक प्रचार-प्रसार सोशल मीडिया के माध्यम से स्थानीय बोली-भाषा में करने को कहा गया है। मंत्री ने कहा कि सहकारिता आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाना समय की मांग है।
धन सिंह रावत ने विश्वास जताया कि ‘मॉडल सहकारिता गांव’ आने वाले समय में प्रदेश के ग्रामीण विकास की नई पहचान बनेंगे और आत्मनिर्भर उत्तराखंड के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।



