उत्तराखंड

अर्धकुंभ 2027 से पहले हरिद्वार में अतिक्रमण पर बड़ी कार्रवाई, फुटपाथ और अवैध गोदाम ध्वस्त

Major action against encroachment in Haridwar before Ardh Kumbh 2027, footpaths and illegal warehouses demolished

हरिद्वार: धर्मनगरी में प्रस्तावित 2027 अर्धकुंभ मेले की तैयारियों ने रफ्तार पकड़ ली है। इसी क्रम में प्रशासन ने शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए सख्त अभियान शुरू किया है। सोमवार को देवपुरा चौक से रेलवे स्टेशन तक व्यापक कार्रवाई करते हुए फुटपाथों और नाले पर बने अवैध ढांचों को हटाया गया। इस दौरान कई अस्थायी दुकानें, रेहड़ी-पटरी और अवैध गोदाम ध्वस्त किए गए।

कार्रवाई सिटी मजिस्ट्रेट कुश्म चौहान और सीओ सिटी शिशुपाल सिंह नेगी के नेतृत्व में की गई। पुलिस, नगर निगम और रेलवे अधिकारियों की संयुक्त टीम सुबह ही मौके पर पहुंच गई थी। जेसीबी मशीनों की मदद से नाले के ऊपर बने अस्थायी निर्माण हटाए गए और रेलवे की सीमा से सटे अवैध गोदामों को भी तोड़ा गया।

दुकानदारों में मचा हड़कंप

अचानक शुरू हुई कार्रवाई से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई दुकानदार जल्दबाजी में अपनी ठेलियां और सामान समेटते नजर आए। कुछ लोगों ने विरोध जताने की कोशिश भी की, लेकिन प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया कि अतिक्रमण किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

टीम ने न केवल ढांचे तोड़े, बल्कि कई स्थानों से सामान भी जब्त किया। जांच के दौरान सामने आया कि रेलवे स्टेशन की दीवार के पीछे कुछ लोगों ने अस्थायी गोदाम बना रखे थे। ऐसे गोदामों की दीवारें तोड़कर सामान हटाया गया और शेष को हटाने के निर्देश रेलवे अधिकारियों को दिए गए।

मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक के बाद तेज हुई कार्रवाई

हाल ही में मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने 2027 अर्धकुंभ मेले की तैयारियों की समीक्षा बैठक की थी। बैठक में अधिकारियों को अवैध अतिक्रमण हटाने और जाम की समस्या के स्थायी समाधान के निर्देश दिए गए थे। उसी के बाद शहर में यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

प्रशासन का कहना है कि अर्धकुंभ, कांवड़ मेले और स्नान पर्वों के दौरान लाखों श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचते हैं। ऐसे में सुचारु यातायात और सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। फुटपाथों पर अतिक्रमण से न केवल जाम की स्थिति बनती है, बल्कि दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है।

दोबारा अतिक्रमण पर होगी सख्ती

सिटी मजिस्ट्रेट कुश्म चौहान ने स्पष्ट किया कि शहर के सभी प्रमुख मार्गों और फुटपाथों से अतिक्रमण हटाने का अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने पुलिस और नगर निगम अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि हटाए गए स्थानों पर दोबारा अतिक्रमण न होने दिया जाए।

सीओ सिटी शिशुपाल सिंह नेगी ने भी कहा कि अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की जाएगी। नो-पार्किंग जोन में खड़े ई-रिक्शा और अन्य वाहनों पर भी सख्ती बरती जाएगी।

प्रशासन का दावा है कि 2027 अर्धकुंभ से पहले हरिद्वार को व्यवस्थित और अतिक्रमण मुक्त बनाया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

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