हिमाचल में बर्फबारी से राहत और परेशानी साथ-साथ, मनाली में सैकड़ों वाहन फंसे
Snowfall in Himachal Pradesh brings both relief and problems; hundreds of vehicles stranded in Manali.
कुल्लू: हिमाचल प्रदेश में 23 जनवरी को हुई भारी बारिश और बर्फबारी ने जहां एक ओर लंबे समय बाद पहाड़ों को राहत दी है, वहीं दूसरी ओर यह सैलानियों के लिए बड़ी चुनौती भी बन गई है। खासकर कुल्लू जिले और मनाली क्षेत्र में बर्फबारी ने पर्यटन को तो नई रफ्तार दी, लेकिन यातायात व्यवस्था को पूरी तरह से प्रभावित कर दिया। भारी बर्फ जमने के कारण मनाली की सड़कों पर सैकड़ों वाहन फंस गए, जिन्हें निकालने के लिए प्रशासन को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है।
सड़कों से हटाई जा रही बर्फ, फोर-बाई-फोर वाहनों की आवाजाही शुरू
शनिवार को पतलीकूहल से रांगड़ी तक सड़क को सिंगल लेन में बहाल कर दिया गया है। इसके बाद फोर-बाई-फोर वाहनों की आवाजाही शुरू हुई, जिससे कई सैलानी अपने परिवार के साथ कुल्लू से बाहर निकलने में सफल रहे। हालांकि इसके बावजूद करीब 800 वाहन अब भी मनाली क्षेत्र में फंसे हुए हैं। प्रशासन के अनुसार सभी सैलानी सुरक्षित हैं और होटल में ठहरे हुए हैं।
प्रशासन ने संभाला मोर्चा
कुल्लू के उपायुक्त तोरुल एस. रविश ने बताया कि शुक्रवार शाम से ही फंसे सैलानियों की मदद के लिए प्रशासन सक्रिय है। सैलानियों को खाने-पीने की सुविधा दी गई और रविवार को स्वास्थ्य जांच शिविर भी लगाए गए। उन्होंने कहा कि रविवार तक कुल्लू-मनाली सड़क को दोनों ओर से पूरी तरह बहाल कर दिया जाएगा, ताकि फंसे हुए सभी पर्यटक सुरक्षित अपने गंतव्यों तक पहुंच सकें।
क्या अभी मनाली आना सुरक्षित है?
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि सड़क बहाल होते ही पर्यटक मनाली आ सकते हैं, लेकिन मौसम को देखते हुए सतर्कता जरूरी है। फिलहाल मौसम साफ है, लेकिन 27 जनवरी को एक बार फिर भारी बारिश और बर्फबारी की चेतावनी जारी की गई है। ऐसे में प्रशासन ने पर्यटकों से मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करने की अपील की है।
सैलानियों के अनुभव, मस्ती के साथ मुश्किलें
बर्फबारी के बीच फंसे सैलानियों के अनुभव भी अलग-अलग रहे। कोलकाता से आई सुप्रीता डे ने बताया कि बर्फ में मस्ती करना यादगार रहा, लेकिन सड़कों पर फिसलन और जाम ने परेशानी बढ़ा दी। वहीं राजस्थान से आई महक और किरण ने मनाली की खूबसूरती की तारीफ की, लेकिन ट्रैफिक जाम को बड़ी समस्या बताया। दिल्ली से आए शाहरुख ने बताया कि भारी जाम और महंगे किराये के कारण उन्हें मनाली का प्लान रद्द करना पड़ा।
बिजली-पानी की आपूर्ति भी प्रभावित
भारी बारिश और बर्फबारी का असर बिजली और पेयजल आपूर्ति पर भी पड़ा है। कुल्लू जिले में सैकड़ों ट्रांसफार्मर ठप हो गए, जिससे कई इलाकों में अंधेरा छा गया। इसके साथ ही पानी की कई योजनाएं भी प्रभावित हुईं। प्रशासन के अनुसार रविवार शाम तक अधिकांश बिजली ट्रांसफार्मर और जल आपूर्ति योजनाओं को बहाल कर दिया जाएगा।
कुल मिलाकर हिमाचल में बर्फबारी ने प्राकृतिक सुंदरता तो बढ़ाई है, लेकिन इसके साथ सावधानी और बेहतर प्रबंधन की जरूरत भी साफ तौर पर सामने आई है।



