उत्तराखंड

2027 कुंभ की तैयारियां तेज, परिवहन निगम लाएगा नई व्यवस्था, पहली बार कुंभ क्षेत्र में दौड़ेंगी इलेक्ट्रिक बसें

Preparations for the 2027 Kumbh Mela are in full swing; the transport corporation will introduce a new system, and electric buses will run in the Kumbh Mela

 Kumbh Mela 2027: हरिद्वार में वर्ष 2027 में आयोजित होने वाले कुंभ मेले को लेकर उत्तराखंड सरकार ने अभी से कमर कस ली है। इस महाआयोजन में देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर व्यापक तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। पर्यटन, परिवहन, पुलिस, नगर निगम और अन्य विभाग आपसी समन्वय के साथ व्यवस्थाओं को आधुनिक और सुव्यवस्थित बनाने में जुटे हैं। खास तौर पर परिवहन व्यवस्था को इस बार पूरी तरह नए स्वरूप में तैयार किया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो।

परिवहन निगम पर रहेगी बड़ी जिम्मेदारी

कुंभ मेले के दौरान लाखों यात्री हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों में पहुंचते हैं। ऐसे में उत्तराखंड परिवहन निगम पर यातायात व्यवस्था संभालने की अहम जिम्मेदारी होती है। निगम ने अनुभवों को ध्यान में रखते हुए इस बार पहले से ज्यादा मजबूत प्लान तैयार किया है। यात्रियों की बढ़ती संख्या और पुरानी बसों की खराब स्थिति को देखते हुए बस बेड़े के विस्तार की जरूरत महसूस की जा रही है।

700 नई बसों का प्रस्ताव शासन को भेजा गया

परिवहन निगम ने कुंभ निधि के तहत 700 नई बसें खरीदने का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा है। अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में निगम के पास कई ऐसी बसें हैं जो तकनीकी रूप से काफी पुरानी हो चुकी हैं और लंबे समय तक संचालन के लायक नहीं बची हैं। नई बसों के आने से न केवल कुंभ मेले के दौरान, बल्कि उसके बाद भी परिवहन सेवाओं को मजबूती मिलेगी।

कुंभ क्षेत्र के भीतर बदलेगी परिवहन व्यवस्था

अब तक कुंभ मेले में निगम की बसें मुख्य रूप से शहर की सीमाओं या बाहरी क्षेत्रों तक ही चलाई जाती थीं। श्रद्धालुओं को मेला क्षेत्र के भीतर जाने के लिए पैदल या अन्य साधनों पर निर्भर रहना पड़ता था। लेकिन 2027 के कुंभ मेले में यह व्यवस्था बदलने जा रही है। पहली बार परिवहन निगम की बसें सीधे कुंभ मेला परिसर के अंदर संचालित की जाएंगी, जिससे श्रद्धालुओं को स्नान घाटों और प्रमुख स्थानों तक पहुंचना आसान होगा।

इलेक्ट्रिक बसों से मिलेगा पर्यावरण को फायदा

इस बार कुंभ मेले में पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दी जा रही है। इसी सोच के तहत करीब 150 इलेक्ट्रिक बसों को कुंभ क्षेत्र में उतारने की योजना बनाई गई है। ये बसें पार्किंग स्थलों, स्नान घाटों और मुख्य मार्गों के बीच यात्रियों को लाने-ले जाने का काम करेंगी। इससे प्रदूषण कम होगा और ट्रैफिक जाम की समस्या से भी राहत मिलने की उम्मीद है।

ई-बस योजना से मिलेगी अतिरिक्त ताकत

देहरादून और हरिद्वार में पहले से प्रस्तावित प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की तैयारी चल रही है। चार्जिंग स्टेशनों का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। अधिकारियों का मानना है कि तय समय पर ये सुविधाएं तैयार हो जाएंगी और कुंभ मेले के दौरान इन्हीं बसों का प्रभावी उपयोग किया जाएगा।

जरूरत के अनुसार बढ़ेंगी सेवाएं

परिवहन निगम का कहना है कि शुरुआत में तय संख्या में बसें चलाई जाएंगी, लेकिन श्रद्धालुओं की भीड़ और जरूरत को देखते हुए बसों की संख्या बढ़ाई भी जा सकती है। लक्ष्य यही है कि 2027 का कुंभ मेला परिवहन व्यवस्था के मामले में एक नई मिसाल बने और हर श्रद्धालु को सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक यात्रा मिल सके।

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