हरिद्वार में पार्किंग मैनेजर को कुचलने वाले हरियाणा के युवक गिरफ्तार, 100 रुपये के विवाद ने ली हिंसक शक्ल
The Haryana youth who ran over a parking manager in Haridwar has been arrested; a dispute over 100 rupees turned violent.
धार्मिक नगरी हरिद्वार में शनिवार को पार्किंग शुल्क को लेकर हुआ मामूली विवाद कुछ ही पलों में गंभीर और सनसनीखेज घटना में तब्दील हो गया। हरकी पैड़ी के सामने स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय पार्किंग में तैनात पार्किंग मैनेजर सहदेव सिंह को हरियाणा से आए दो युवकों ने कार से कुचल दिया और मौके से फरार हो गए। इस घटना ने न केवल हरिद्वार में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए, बल्कि श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में भी गहरी नाराजगी पैदा कर दी। हालांकि, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए फरार दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
100 रुपये के शुल्क को लेकर शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना पार्किंग शुल्क को लेकर शुरू हुई। हरकी पैड़ी के पास स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय पार्किंग में शनिवार को सोनीपत, हरियाणा से आए दो युवक अपनी कार लेकर पहुंचे थे। पार्किंग मैनेजर सहदेव सिंह ने नियमानुसार उनसे पार्किंग शुल्क मांगा। आरोप है कि शुल्क की रकम मात्र 100 रुपये थी, लेकिन इसी को लेकर युवकों और पार्किंग मैनेजर के बीच कहासुनी शुरू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पहले तो यह विवाद सामान्य बहस तक सीमित था, लेकिन देखते ही देखते दोनों युवक आक्रोशित हो गए। बात इतनी बढ़ गई कि युवकों ने गुस्से में आकर अपनी कार आगे बढ़ा दी और सहदेव सिंह को कुचलते हुए मौके से फरार हो गए। घटना के बाद पार्किंग परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
गंभीर रूप से घायल हुआ पार्किंग मैनेजर
कार की चपेट में आने से पार्किंग मैनेजर सहदेव सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया। मौके पर मौजूद अन्य कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और मामले की जांच शुरू कर दी गई। इस घटना ने श्रद्धालुओं के बीच भी दहशत का माहौल पैदा कर दिया, क्योंकि हरकी पैड़ी जैसे अत्यंत संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाके में इस तरह की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी।
मुकदमा दर्ज, पुलिस ने शुरू की तलाश
इस पूरे मामले में रुड़की निवासी प्रताप सिंह की ओर से पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया गया। प्रताप सिंह ने अपनी शिकायत में बताया कि पार्किंग शुल्क को लेकर हुए विवाद के बाद आरोपियों ने जानबूझकर सहदेव सिंह को कार से कुचल दिया और फरार हो गए। पुलिस ने गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया। सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और कार की पहचान की गई। इसके साथ ही आरोपियों की संभावित लोकेशन पर दबिश देने की योजना बनाई गई।
हरियाणा से गिरफ्तार हुए आरोपी
पुलिस की सक्रियता और त्वरित कार्रवाई के चलते फरार दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विशाल निवासी बहालगढ़, जिला सोनीपत और सूरज निवासी भट्ट गांव, पंचशील कॉलोनी, सोनीपत (हरियाणा) के रूप में हुई है। दोनों को पुलिस टीम ने विभिन्न तकनीकी साक्ष्यों और सूचना तंत्र के माध्यम से ट्रेस कर पकड़ा। गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को हरिद्वार लाया गया, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक पूछताछ में यह बात सामने आई है कि दोनों युवक गुस्से में आकर यह कदम उठा बैठे थे, लेकिन कानून की नजर में यह गंभीर अपराध है।
पुलिस का बयान
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह मामला केवल मारपीट या विवाद का नहीं, बल्कि जानलेवा हमला है। पार्किंग मैनेजर को कार से कुचलना एक गंभीर अपराध है और इसमें सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि धार्मिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
स्थानीय लोगों में आक्रोश
घटना के बाद स्थानीय लोगों और पार्किंग कर्मचारियों में गहरा आक्रोश देखने को मिला। लोगों का कहना है कि हरिद्वार जैसे धार्मिक और पर्यटन स्थल पर बाहर से आने वाले कुछ लोग नियमों का पालन नहीं करते और मामूली बातों पर हिंसक हो जाते हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पार्किंग स्थलों और प्रमुख पर्यटन क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
यह घटना हरिद्वार की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है। हरकी पैड़ी जैसे संवेदनशील क्षेत्र में, जहां रोजाना हजारों श्रद्धालु आते हैं, वहां इस तरह की घटना होना चिंता का विषय है। हालांकि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन यह घटना यह सोचने पर मजबूर करती है कि ऐसे स्थानों पर निगरानी और नियंत्रण को और मजबूत करने की जरूरत है।



