उत्तराखंड

उत्तराखंड में भालू का बढ़ता खतरा, हमलों पर सीएम धामी सख्त, घायलों के उपचार का पूरा खर्च उठाएगी सरकार

The growing threat of bears in Uttarakhand, CM Dhami is strict on attacks, the government will bear the entire cost of treatment of the injured.

देहरादून: उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में भालू के लगातार बढ़ते हमलों ने वन विभाग और सरकार दोनों की चिंता बढ़ा दी है। बीते कुछ महीनों में राज्य के विभिन्न इलाकों से भालू के हमलों की कई गंभीर घटनाएं सामने आई हैं, जिसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव वन के साथ उच्च स्तरीय बैठक कर स्थिति की समीक्षा की। बैठक में सीएम ने स्पष्ट निर्देश दिया कि भालू या अन्य वन्यजीवों के हमलों में घायल होने वाले प्रत्येक व्यक्ति का संपूर्ण उपचार खर्च राज्य सरकार वहन करेगी।

मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि घायलों को समय पर और बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलनी चाहिए, इसमें किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा और जागरूकता उपायों को और अधिक प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार पहले ही वन्यजीव हमलों में मृतकों के परिजनों को मिलने वाली मुआवजा राशि 5 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर चुकी है। पिछले पाँच वर्षों में भालू के हमलों में 14 लोगों की मौत और 438 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।


ग्रामीणों में दहशत, भालू का व्यवहार बदल रहा

पर्वतीय क्षेत्रों के ग्रामीण लगातार वन विभाग से नाराजगी जता रहे हैं, क्योंकि भालू अब उन इलाकों में भी दिखाई देने लगे हैं जहाँ पहले इस प्रकार की घटनाएँ नहीं होती थीं। वन विभाग के अनुसार भोजन की कमी और कुछ विशेष फसलों के उत्पादन में गिरावट के कारण भालू मानव बस्तियों की ओर बढ़ रहे हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में भय और असुरक्षा की स्थिति बनी हुई है।


उत्तरकाशी में सेब बागान में मजदूर पर जानलेवा हमला

उत्तरकाशी जिले के हर्षिल क्षेत्र में भालू के हमले की एक और घटना ने स्थानीय लोगों में दहशत बढ़ा दी है। शनिवार को नेपाली मूल के हरि बहादुर सेब के बगीचे में काम कर रहे थे, तभी घात लगाए बैठे भालू ने उन पर जानलेवा हमला कर दिया। ग्रामीणों ने उन्हें घायल अवस्था में हर्षिल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया, जहाँ से डॉक्टरों ने गंभीर हालत के चलते उत्तरकाशी जिला अस्पताल रेफर कर दिया। उनके चेहरे और शरीर पर गहरे घाव आए हैं।

वन विभाग के अनुसार सीमांत ब्लॉक भटवाड़ी के कई गांवों में मानव-वन्यजीव संघर्ष लगातार बढ़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि वे जंगलों में घास और लकड़ी लेने तक जाने से डर रहे हैं।


जिले में 9 हमले, दो महिलाओं की मौत

केवल उत्तरकाशी जिले में 26 अक्टूबर से अब तक भालू के हमले की 9 घटनाएँ दर्ज हुई हैं। इनमें भटवाड़ी में 8 और मोरी क्षेत्र में 1 व्यक्ति घायल हुआ है, जबकि दो महिलाओं की मौत हो चुकी है। आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दुल गुसाईं ने बताया कि गंभीर घायलों का उपचार जिला अस्पताल और हायर सेंटर में जारी है।

लगातार बढ़ते घटनाक्रम को देखते हुए सरकार और वन विभाग अलर्ट मोड पर हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में भालू के आतंक से दहशत का माहौल बना हुआ है।

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