उत्तराखंड

पौड़ी में शहीद स्मरण समारोह: सीएम धामी ने किए 102 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण, वीर परिवारों को किया सम्मानित

Martyrs' Remembrance Ceremony in Pauri: CM Dhami inaugurated schemes worth Rs 102 crore, honored brave families

 

रिखणीखाल (पौड़ी): उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रविवार को पौड़ी जनपद के रिखणीखाल पहुंचे, जहां उन्होंने राजकीय इंटर कॉलेज में आयोजित शहीद स्मरण समारोह में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने कुल ₹102.82 करोड़ की 11 विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इनमें 56.58 करोड़ की 6 योजनाओं का लोकार्पण और 46.24 करोड़ की 5 योजनाओं का शिलान्यास शामिल रहा।

कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री ने विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया और पारंपरिक पहाड़ी गतिविधियों—जैसे ओखली में धान कूटना, सिलबट्टे पर चटनी पीसना और मट्ठा निकालना—में भी हाथ आजमाया। उन्होंने कहा कि आज देश-विदेश में उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है, इसलिए ग्रामीण क्षेत्रों के लोग स्वरोजगार को अपनाकर आत्मनिर्भर बनें।


शहीद परिवारों को सम्मान और भावनात्मक जुड़ाव

सीएम धामी ने इस अवसर पर शहीदों के परिजनों, वीरांगनाओं और पूर्व सैनिकों को शॉल और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि शहीदों को सामूहिक श्रद्धांजलि देने का अवसर है। धामी ने कहा, “उत्तराखंड का हर घर सेना से जुड़ा है, इसलिए राज्य सरकार सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है।”

उन्होंने बताया कि सरकार ने शहीद परिवारों के लिए कई नीतिगत निर्णय लिए हैं—

  • शहीद परिजनों की अनुग्रह राशि ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹50 लाख कर दी गई है।
  • परमवीर चक्र व अन्य वीरता पुरस्कारों की राशि में वृद्धि की गई है।
  • अंतिम संस्कार हेतु ₹10 हजार की सहायता राशि दी जा रही है।
  • भूमि खरीद पर सैनिकों को 25% तक स्टांप ड्यूटी में छूट दी जा रही है।
  • अब तक 28 शहीद परिजनों को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है, जबकि 13 मामलों की प्रक्रिया जारी है।

भव्य सैन्य धाम और विकास की नई दिशा

मुख्यमंत्री ने बताया कि देहरादून में बन रहा सैन्य धाम अब अंतिम चरण में है और जल्द ही लोकार्पित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पौड़ी जिले में विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं — कंडोलिया में 100 मीटर ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज, पूर्व सीडीएस जनरल बिपिन रावत पार्क, सतपुली झील, धारी देवी पैदल मार्ग और चारधाम पैदल मार्ग जैसे प्रोजेक्ट्स क्षेत्र की पहचान बनेंगे।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकार क्षेत्रवाद और जातिवाद से ऊपर उठकर विकास की राजनीति कर रही है। लैंड जिहाद, धर्मांतरण, दंगा विरोधी कानून, समान नागरिक संहिता (UCC) और नकल विरोधी कानून जैसे कदम सुशासन की दिशा में ऐतिहासिक साबित होंगे।


रिखणीखाल क्षेत्र को मिली नई घोषणाएं

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री धामी ने रिखणीखाल क्षेत्र के लिए कई नई घोषणाएं कीं। इनमें विद्यालयों के नाम परिवर्तन, नई सड़कों, पंपिंग योजनाओं, अतिथि गृह, प्रेक्षागृह, पशु सेवा केंद्र, स्वास्थ्य केंद्र और अमर शहीदों के नाम पर सड़कों का नामकरण शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि “रिखणीखाल की यह धरती वीरों की भूमि है, और हमारा दायित्व है कि हम उनके सपनों का उत्तराखंड बनाएं।”

 

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