स्वच्छता ही सेवा: हडको देहरादून ने टैक्सी चालकों में वितरित किए कूड़ा संग्रहण बैग्स
Cleanliness is Service: HUDCO Dehradun distributes garbage collection bags to taxi drivers
देहरादून। उत्तराखंड में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए हडको देहरादून ने स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम 2025 के तहत दून टैक्सी मालिक संघ के सहयोग से टैक्सी चालकों में कूड़ा संग्रहण बैग्स वितरित किए। इस पहल का उद्देश्य राज्य में कूड़ा-कचरा फैलने से रोकना और यात्रियों व वाहन चालकों को कचरे की उचित निपटान की दिशा में जागरूक करना है।
टैक्सी चालकों में जागरूकता बढ़ाने की पहल
उत्तराखंड सरकार ने हाल ही में “उत्तराखंड कूड़ा थैला नीति” लागू की है। इसके अनुसार राज्य में प्रवेश करने वाले सभी वाहनों, जिनमें टैक्सियाँ भी शामिल हैं, में कूड़े के थैले या डस्टबिन रखना अनिवार्य है। यह नियम सुनिश्चित करता है कि पर्यटक और वाहन चालक अपने कचरे की जिम्मेदारी स्वयं लें और उसे उचित ढंग से निपटाएँ।
हडको देहरादून ने इसी नीति को साकार करने और स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए मसूरी देहरादून टैक्सी स्टैंड पर टैक्सी चालकों में कूड़ा संग्रहण थैले वितरित किए। कार्यक्रम में टैक्सी संगठन के प्रधान श्री राजू भंडारी, हडको क्षेत्रीय प्रमुख संजय भार्गव, वरिष्ठ प्रबंधक विवेक प्रधान, और अन्य सदस्य जैसे सूरज और महेंद्र शामिल हुए।
पर्यावरण और स्वच्छता के लिए सहयोग
हडको के क्षेत्रीय प्रमुख संजय भार्गव ने कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य न केवल टैक्सी चालकों को नियमों के प्रति जागरूक करना है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को भी बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा, “यदि हम सभी वाहन चालकों और यात्रियों को स्वच्छता के महत्व के बारे में जागरूक करेंगे, तो न केवल शहर साफ रहेगा, बल्कि पर्यटकों के लिए भी आकर्षण बढ़ेगा।”
तदनुसार, टैक्सी चालकों ने भी इस पहल में सक्रिय सहयोग किया। उन्होंने बताया कि अब वे प्रत्येक टैक्सी में कूड़ा थैला रखकर यात्रियों और अपने द्वारा उत्पन्न कचरे को संग्रहित करेंगे। यह कदम राज्य सरकार की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण नीति को समर्थन देने के साथ-साथ यात्रियों और आम जनता में स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी जागृत करेगा।
स्वच्छता ही सेवा: एक सकारात्मक कदम
स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम के अंतर्गत हडको द्वारा कूड़ा बैग्स वितरण एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत करता है कि सरकारी नियमों के साथ निजी संस्थाओं और नागरिकों का सहयोग किस प्रकार से पर्यावरण संरक्षण में योगदान दे सकता है। इस पहल से यह संदेश भी स्पष्ट होता है कि स्वच्छता केवल नियमों का पालन नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
हडको देहरादून और टैक्सी चालकों की यह पहल न केवल देहरादून बल्कि पूरे उत्तराखंड में स्वच्छता अभियान को गति देने का उदाहरण बनेगी। भविष्य में इस तरह के कार्यक्रमों के ज़रिए पर्यावरण जागरूकता और कचरा प्रबंधन को और मजबूत किया जा सकता है।


