देहरादून में UKSSSC पेपरलीक मामले की जांच तेज, पुलिस खालिद और सहयोगियों की तलाश में जुटी
Dehradun: UKSSSC paper leak probe intensifies, police search for Khalid and his associates
देहरादून: उत्तराखंड अधिनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) के पेपरलीक मामले ने प्रदेश में हलचल मचा दी है। उत्तराखंड पुलिस इस मामले की तह तक पहुंचने के लिए तेजी से काम कर रही है। जांच का मुख्य टारगेट खालिद बताया जा रहा है, जिसके साथ ही उसके मददगारों की पहचान और गिरफ्तारी की कोशिशें लगातार जारी हैं। इस मामले में खालिद की बहनों से पूछताछ हो चुकी है और उसकी बहन साबिया को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
खालिद के मददगारों की गिरफ्तारी की तैयारी
जांच के दौरान खालिद की दूसरी बहन हीना और पेपर लीक में शामिल सहायक प्रोफेसर सुमन को भी पुलिस हिरासत में लिया गया है। अधिकारियों का मानना है कि एक और व्यक्ति ने परीक्षा केंद्र के अंदर मोबाइल पहुंचाने और पेपर के पन्ने बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाई। इसे पेपर लीक की असली वजह माना जा रहा है। खालिद की गिरफ्तारी के बाद इस शख्स और अन्य सहयोगियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
विशेष जांच टीम का गठन
उत्तराखंड पुलिस ने मामले की जांच के लिए विशेष टीम बनाई है। एसपी देहात जया बलूनी को इस टीम की जिम्मेदारी सौंपी गई है। टीम ने अब तक कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं और पुलिस का दावा है कि खालिद की गिरफ्तारी जल्द ही की जाएगी।
पेपर लीक की घटना
21 सितंबर को आयोजित UKSSSC परीक्षा में पेपर लीक की घटना ने उम्मीदवारों और आम जनता को हिला कर रख दिया। परीक्षा सुबह 11 बजे प्रदेश के 445 केंद्रों पर आयोजित की गई थी, लेकिन 11:35 बजे ही पेपर का एक सेट लीक हो गया। इसके बाद बेरोजगार संघ ने 22 सितंबर को परेड ग्राउंड में प्रदर्शन किया और सचिवालय तक कूच किया। संघ ने मामले की सीबीआई जांच की भी मांग की।
पिछली गिरफ्तारी और ठगी के आरोप
इस घटना से ठीक पहले, 20 सितंबर को पुलिस और एसटीएफ ने पंकज गौड़ और हाकम सिंह को गिरफ्तार किया था, जिन पर अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले ठगी करने का आरोप था। अधिकारियों का कहना है कि ये गिरफ्तारी पेपर लीक के तार खालिद और उसके सहयोगियों से जोड़ने में मददगार साबित होगी।
पुलिस की रणनीति और बेरोजगार संघ की प्रतिक्रिया
पुलिस का कहना है कि खालिद और उसके सहयोगियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विशेष टीम हर साक्ष्य जुटाकर मामले की गहन पड़ताल कर रही है। बेरोजगार संघ का कहना है कि दोषियों को तुरंत गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाए और मामले की सीबीआई जांच कराई जाए ताकि भविष्य में परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता कायम रहे।
UKSSSC पेपरलीक मामला न केवल परीक्षा प्रणाली में सुरक्षा की कमी को उजागर करता है, बल्कि यह उम्मीदवारों की मेहनत और उम्मीदों पर भी असर डालता है। खालिद और उसके सहयोगियों की गिरफ्तारी से पूरे मामले की साजिश उजागर होगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।



