वाराणसी/देहरादून: उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर में मंगलवार को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 25वीं बैठक आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य से जुड़े विभिन्न विषयों को मजबूती से उठाया। उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क, संचार और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर करने के लिए सीमा सड़क संगठन (BRO) के सहयोग को और अधिक सशक्त बनाने की मांग की। सीएम धामी ने विशेष रूप से उन क्षेत्रों पर ध्यान देने की आवश्यकता बताई जो दुर्गम और संवेदनशील हैं।
दूरस्थ घाटी अधिसूचना को निरस्त करने की मांग
मुख्यमंत्री धामी ने 1989 की दूरस्थ घाटी अधिसूचना को निरस्त करने की मांग की, ताकि राज्य के सीमांत क्षेत्रों को योजनाओं का अधिक लाभ मिल सके। उन्होंने केंद्र सरकार से वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत सीमावर्ती गांवों में मूलभूत सुविधाएं बढ़ाने और भारत नेट तथा सैटेलाइट संचार सेवाओं के त्वरित विस्तार की भी सिफारिश की।
आपदा प्रबंधन और अतिरिक्त सहयोग पर बल
धामी ने मानसून के दौरान उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में आने वाली प्राकृतिक आपदाओं — जैसे भूस्खलन, अतिवृष्टि और बादल फटने — से उत्पन्न स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत राज्य को अतिरिक्त सहयोग प्रदान किया जाना चाहिए ताकि सड़कों की स्थिति को सुधारा जा सके और यात्रा सुगम बनी रहे।
अनुसंधान केंद्रों और आगामी आयोजनों पर भी दिया सुझाव
बैठक में मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंड में ग्लेशियर अध्ययन केंद्र, जैव विविधता संरक्षण संस्थान और अंतरराष्ट्रीय साहसिक खेल प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव रखा। इसके साथ ही नंदा राजजात यात्रा 2026 और कुंभ मेला 2027 जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजनों के सफल आयोजन के लिए केंद्र सरकार से सहयोग की भी मांग की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का जो लक्ष्य रखा गया है, उसमें उत्तराखंड भी विकसित राज्य के रूप में अपनी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।
बैठक के समापन पर सभी राज्यों के प्रतिनिधियों ने क्षेत्रीय समन्वय और विकास को बढ़ावा देने के लिए आपसी सहयोग की भावना दोहराई।



