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उत्तराखंड में ई-कल्चर की जगह पी-कल्चर को बढ़ावा, युवाओं के लिए खेल गतिविधियों का नया दौर

Promotion of P-culture instead of E-culture in Uttarakhand, a new era of sports activities for the youth

देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने डिजिटल युग में बढ़ते इलेक्ट्रॉनिक कल्चर (ई-कल्चर) की जगह प्लेग्राउंड कल्चर (पी-कल्चर) को बढ़ावा देने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में युवा कल्याण विभाग की गेम चेंजर योजनाओं की समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि युवाओं को मैदान से जोड़ने के लिए प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों में विधायक खेल कूद प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।

स्थानीय स्तर पर युवाओं को जोड़ने पर जोर, मिलेगा मंच और अवसर

सरकार का उद्देश्य है कि स्थानीय स्तर पर खेलों को बढ़ावा देकर युवाओं को एक सकारात्मक दिशा दी जाए। इससे न केवल खेल प्रतिभाओं को उभारने का मौका मिलेगा, बल्कि युवाओं के शारीरिक और मानसिक विकास में भी सहायता मिलेगी। प्रतियोगिताओं के माध्यम से नए खिलाड़ियों को पहचान और प्रशिक्षण का अवसर प्रदान किया जाएगा।

साहसिक खेल, भर्ती पूर्व प्रशिक्षण और परामर्श केंद्रों की स्थापना के निर्देश

मुख्यमंत्री ने युवाओं के लिए साहसिक खेल गतिविधियों और सेना, अर्धसैनिक बलों एवं पुलिस में भर्ती के पूर्व प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, युवाओं के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए परामर्श केंद्रों की स्थापना कर उन्हें शिक्षा, रोजगार और अन्य विषयों की जानकारी देने की बात कही गई।

खेल परिसंपत्तियों का पूर्ण उपयोग, खिलाड़ियों को सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर

सीएम धामी ने कहा कि राज्य की खेल परिसंपत्तियों का अधिकतम उपयोग हो और उनके रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया जाए। बहुउद्देश्यीय हॉल में खेल के साथ स्थानीय सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन भी किया जाएगा। बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को जरूरी संसाधन और उत्कृष्ट प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाएगा।

विदेशी भाषा और कौशल विकास प्रशिक्षण की योजना

युवाओं को रोजगारपरक बनाने के लिए उन्हें विदेशी भाषाओं और कौशल विकास का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। सरकार विदेशी दूतावासों के साथ समन्वय कर प्रशिक्षण की रूपरेखा तैयार करेगी, ताकि राज्य के युवाओं को विदेशों में रोजगार के अवसर मिल सकें।

उच्च शिक्षा में गुणवत्ता और नवाचार पर विशेष बल

मुख्यमंत्री ने उच्च शिक्षा की समीक्षा करते हुए छात्रों की उपस्थिति बढ़ाने, व्यावसायिक पाठ्यक्रम शुरू करने और शिक्षकों को आधुनिक तकनीक पर आधारित प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। पुस्तकालयों में पुस्तकों की उपलब्धता और प्रयोगशालाओं के उन्नयन पर भी जोर दिया गया।

मेधावी छात्रों को भारत दर्शन योजना के तहत भ्रमण का अवसर

राज्य सरकार मेधावी छात्रों को देश के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों का भ्रमण भी कराएगी। यह योजना छात्रों को प्रेरित करने और उन्हें उच्च शिक्षा के नए आयामों से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।

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